भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने कहा है कि 2012 एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली उनकी 183 रनों की पारी उनके करियर में बदलाव लेकर आई थी। इस पारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो किसी भी स्तर के गेंदबाजी अटैक के खिलाफ बल्लेबाजी कर सकते हैं।

कोहली ने रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के साथ इंस्टाग्राम पर बात करते हुए कहा, “उनकी गेंदबाजी आक्रामक और काफी दमदार थी। उस समय उनकी गेंदबाजी काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि उसमें विविधता थी। ये अपने आप हुआ, क्योंकि मैं लगातार अपने आप को प्रेरित कर रहा था कि मैं इस तरह की स्थिति में खेलूं। मेरे लिए वो पारी गेम-चेंजर साबित हुई।”

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, “मुझे याद है कि वो रविवार का दिन था। भारत और पाकिस्तान का मैच पूरा देश देख रहा था और हर कोई ध्यान दे रहा था। मुझे याद है कि ये काफी मुश्किल था। रोहित शर्मा ने शानदार पारी खेली थी और अंत में महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना ने तीन ओवर पहले मैच खत्म कर दिया था।”

पाकिस्तान ने उस मैच छह विकेट के नुकसान पर 329 रन बनाए थे। भारत ने 47.5 ओवरों में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया था। इस मैच में कोहली ने 183 रनों की पारी खेली थी और टीम को जीत दिलाई थी। कोहली ने माना कि उनकी ये पारी उनके लिए गेम चेंजर साबित हुई।

भारतीय कप्तान ने कहा, “उनके पास शाहिद अफरीदी, सईद अजमल, उमर गुल, एजाज चीमा और मोहम्मद हफीज भी थे। पहले 20-25 ओवर स्थितियां उनके पक्ष में थीं, लेकिन मुझे याद है कि मैं पाजी (सचिन तेंदुलकर) के साथ बल्लेबाजी करने से खुश था। वह उनकी वनडे में आखिरी पारी साबित हुई। उन्होंने 50 रन बनाए और हमने 100 रनों से ज्यादा की साझेदारी की। ये मेरे लिए यादगार पल रहा।”

कोहली ने सचिन के साथ दूसरे विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी की और रोहित के साथ 172 रनों की साझेदारी की। रोहित ने उस मैच में 83 गेंदों पर 68 रन बनाए थे।