विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन © Getty Images
विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन © Getty Images

भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज में अब कुछ ही दिन बचे हैं। नए कप्तान विराट कोहली की कप्तानी में खेलने के लिए टीम इंडिया तैयार है। ऐसे में टीम के सबसे भरोसेमंद स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी हुंकार भर दी है। अश्विन ने कहा कि वह कोहली की आक्रामक कप्तानी में खुद को ढालने का भरपूर प्रयास करेंगे। 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले अश्विन ने सीमित ओवरों के ज्यादातर मैच धोनी की कप्तानी में ही खेले हैं।

अश्विन ने पुणे में कहा कि ये बिल्कुल अलग होगा। धोनी ने स्पिनरों का उपयोग ज्यादातर बीच के ओवरों में रन गति को नीचे रखने के लिए किया वहीं दूसरी तरफ कोहली विकेट के लिए जाते हैं भले ही इसके लिए उन्हें कुछ रन भी खर्च करने पड़ें। विराट कोहली बेहद ही आक्रामक हैं और इसी में मुझे खुद को ढालना होगा। कोहली को आक्रामकता पसंद है और वह बीच के ओवरों में विकेट के लिए ही जाएंगे भले ही इसके लिए कुछ रन भी क्यों ना खर्च करने पड़ें। मेरा भी मानना है कि विकेट लेने के लिए अगर थोड़े रन भी पड़ जाएं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। भारत ए बनाम इंग्लैंड दूसरे अभ्यास मैच के लाइव ब्लॉग को पढ़ने के लिए क्लिक करें

अश्विन ने साथ ही कहा, ‘टीम में अभी भी महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका बेहद अहम रहेगी। धोनी टीम के लिए मुख्य रहेंगे क्योंकि एक तो वह विकेटकीपर हैं और दूसरा उनके पास बहुत अनुभव है। ये टीम के लिए काफी जरूरी होगा कि बीच-बीच में धोनी से सलाह-मश्वरा लेते रहें इससे हम और अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।’ जब अश्विन पुणे में मैदान पर उतरेंगे तो वह लगभग एक साल बाद वनडे टीम में खेलते नजर आएंगे। इसपर अश्विन ने कहा कि मुझे खुद को मानसिक रूप से सीमित ओवरों के लिए तैयार करना होगा। ये वाकई एक चुनौती होगी। मुझे लगता है कि काफी लंबे समय के बाद मजबूत भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी। हमारी टीम में अब युवराज सिंह की वापसी भी हो गई है ऐसे में टीम को मजबूती के साथ-साथ अनुभव भी मिला है। साथ ही अश्विन ने इंग्लैंड टीम की तारीफ करते हुए कहा कि इंग्लिश टीम ने पिछले साल बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ऐसे में उनकी टीम को हल्के में लेना एक बड़ी भूल साबित होगी।