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- Virat Kohli did not Supported Yuvraj Singh After He Fought Back From Cancer Says Robin Uthappa
विराट कोहली का दिल युवराज सिंह के लिए भी नहीं 'पसीजा', रॉबिन उथप्पा का दावा कर देगा हैरान
य़ुवराज सिंह और विराट कोहली के संबंधों को लेकर रॉबिन उथप्पा ने बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि जब कैंसर से वापसी कर रहे थे तो विराट का साथ नहीं मिला.
Published On Jan 10, 2025, 09:06 AM IST
Last UpdatedJan 10, 2025, 09:06 AM IST
Robin Uthappa on Yuvraj Singh and Virat Kohli
Robin Uthappa Explained Virat Kohli and Yuvraj Singh: युवराज सिंह को वाइट बॉल क्रिकेट में भारत के सबसे बड़े खिलाड़ियों में माना जाता है. भारत को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप जितवाने में अहम भूमिका निभाई. साल 2011 वर्ल्ड कप में वह प्लेयर ऑफ द टूर्नमेंट रहे थे. इसी दौरान उन्हें कैंसर भी हुआ था. और इससे लड़ने के बाद साल 2012 में उन्होंने टीम में वापसी की लेकिन वह अपनी जगह कायम नहीं रख पाए.
जब विराट कोहली कप्तान बने तो उन्हें कुछ मौके दिए जाने के बाद टीम से ड्रॉप कर दिया गया. टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने युवराज को टीम से बाहर किए जाने का जिम्मेदार विराट कोहली को माना.
द लल्लनटॉप पर उथप्पा ने कहा, ‘विराट चाहते थे कि खिलाड़ी उनके फिटनेस स्तर, खाने-पीने की आदतें अपनाने, सुनने और उससे सहमत होने सभी में उनके स्तर तक पहुंचें. ऐसा करना मुश्किल होता है क्योंकि हर कोई अलग होता है.’
उन्होंने कहा, ‘दो तरह के कप्तान होते हैं एक वैसे होते हैं जो आपको कहते हैं कि मेरे स्तर पर आकर काम करना होगा. वहीं दूसरा कहता है कि आप जहां हम वहां आएंगे और फिर आपको आगे लेकर जाएंगे. दो अलग-अलग तरीके हैं. दोनों काम करते हैं. लेकिन इसका असर काफी अलग होता है. एक में आपको काफी सम्मान दिया जाता है. वहीं दूसरे में खिलाड़ी को काफी नीचा महसूस करवाता है.’
उथप्पा ने युवराज सिंह के टीम से बाहर होने का सीधा-सीधा जिम्मेदार विराट कोहली को ठहराया. उन्होंने कहा, ‘युवी पा ने कैंसर को हराया था. उन्होंने हमें दो वर्ल्ड कप जितवाए. सभी ने भूमिका निभाई बेशक. लेकिन उनकी भूमिका काफी अहम थी. ऐसे खिलाड़ी को जब आप कप्तान बनते हो तो आप बोलते हो… तो उनके फेफड़े की क्षमता कम हो चुकी थी. और जब वह संघर्ष कर रहे थे तो आप उनके साथ रहे हैं और यह मुझे किसी ने बताया नहीं है यह मेरा आकलन है, हां आपको एक स्तर कायम रखना है. पर हर स्तर में नियम में कुछ अपवाद होते हैं. और यहां एक ऐसा खिलाड़ी है जो अपवाद का हकदार है. उसने सिर्फ आपको वर्ल्ड कप ही नहीं जितवाए हैं उसने कैंसर को मात दी है. उसने इनसानी जिंदगी के सबसे बड़े खतरे को मात दी है. उन जैसे इनसान को कुछ तो राहत मिलनी चाहिए थी. जो विराट कोहली ने उस समय नहीं दी थी.’
उथप्पा ने यहां तक कहा कि युवराज को फिटनेस टेस्ट देने के लिए कहा गया. उन्होंने कहा, ‘जब युवराज ने कहा कि फिटनेस के उस पैमाने को उनके स्तर तक कम कर दिया जाए. क्योंकि उनका जो स्तर था. लेकिन ऐसा नहीं किया गया.’
उथप्पा ने कहा कि मैच फिट और क्रिकेट फिट होना दो अलग चीजें हैं. उथप्पा ने कहा, ‘युवराज ने फिर भी फिटनेस का वह स्तर पार किया. लेकिन एक टूर्नमेंट उनका अच्छा नहीं गया और उन्हें निकाल दिया गया. और इसके बाद जो भी लीडरशिप ग्रुप ने उन्हें दोबारा टीम में नहीं चुना. उस समय पर टीम उनके हिसाब से ही चलती थी.’
उथप्पा ने कहा कि कोहली कहते हैं या तो मेरे हिसाब से चलो या फिर अपना रास्ता लो. युवराज सिंह ने 10 जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.