विराट कोहली और अनिल कुंबले © AFP
विराट कोहली और अनिल कुंबले © AFP

पूर्व बीसीसीआई सचिव अजय शिर्के ने गुरुवार को सूचित किया कि कप्तान विराट कोहली अनिल कुंबले को हेड कोच बनाए जाने को लेकर शुरू से ही खिलाफ थे। अंततः बीसीसीआई ने उन्हें क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी की पसंद स्वीकारने के लिए मना लिया लेकिन कुंबले को एक साल के अनुबंध के तौर पर रखा गया। शिर्के जो पिछले साल कोच चयन प्रक्रिया के सदस्य थे। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “कोहली- कुंबले के बीच अनबन को लेकर कुछ बातें सुनने को मिल रही थीं। ये बातें कुंबले की नियुक्ति के दौरान भी सुनने को मिली थीं। उस समय हमारे प्रेजीडेंट अनुराग ठाकुर ने पहल करते हुए दोनों पार्टियों से विस्तार में बातचीत की थी। और इसके बाद निश्चित किया गया कि क्रिकेट कमेटी (सीएसी) ने कुंबले को बेहतर विकल्प के तौर पर चुना है इसलिए हमें उनके साथ जाना चाहिए। इसलिए, मुझे लगता है कि अनुबंध का असल कारण था कि हम काम करेंगे और देखेंगे यह कैसा चलता है। इसलिए हमने भविष्य के लिए विकल्प खुले रखे।”

शिर्के ने आगे कहा, “हम कह सकते हैं कि इसके बारे में कोहली के अपने विचार हैं। और जैसा कि मैंने कहा कि हमारे प्रेजीडेंट श्रीमान ठाकुर ने पहल की थी और उन्हें कहा था कि वह क्रिकेट कमेटी के द्वारा सर्वसम्मति से किया गया चुनाव है और हमें उनकी सिफारिशों का पालन करना पड़ेगा। और कोहली को इसे स्वीकार करना होगा।”

सीएसी में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं। इन्होंने पिछले साल जून में अनिल कुंबले को रवि शास्त्री के ऊपर तरजीह दी थी। शास्त्री टीम इंडिया के करीब दो साल तक टीम डायरेक्टर रह चुके हैं। कुंबले के पास बीसीसीआई-निर्दिष्ट मानदंड के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का अनुभव नहीं था इसलिए उन्हें शुरुआत में छांटे गए 21 सदस्यों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। उन्हें सीएसी के आग्रह पर शामिल किया गया। शिर्के ने बताया कि कुंबले ने उन्हें फोन किया था और टीम इंडिया का कोच बनने की अपनी इच्छा जाहिर की थी। यह तब की बात है जब वह बीसीसीआई सचिव बन गए थे और जब कोच चयन प्रक्रिया शुरू होनी थी। ये भी पढ़ें-बेन स्टोक्स ने की बहस, तमीम इकबाल ने गुस्से में किया ‘प्रहार’! 

शिर्के ने आगे बताया, “कुंबले ने मुझे बताया था कि वह क्रिकेट और जीतने को लेकर बेहद जुनूनी हैं, इसलिए वह इस पद पर आना चाहते हैं। मैंने उनसे ये साफतौर पर बोल दिया था कि नियुक्ति किसी की सिफारिश से नहीं होगी। क्योंकि इसके लिए हमारे पास एक प्रक्रिया है। और उन्हें प्रक्रिया का पालन करना होगा।”

शिर्के ने चैंपियंस ट्रॉफी के पहले बीसीसीआई के द्वारा कोच की नियुक्ति के लिए दी गई अधिसूचना को समर्थित किया है। क्योंकि चैंपियंस ट्रॉफी के साथ ही कुंबले का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसी समय, उन्होंने कहा कि कोच की नियुक्ति का विशेषाधिकार बीसीसीआई के पास होना चाहिए। उन्होंने कहा, “इसमें कप्तान कुछ कह सकता है, उनका अपना कुछ विचार हो सकता है, लेकिन यह एक व्यक्तिगत विचार है। बहरहाल, कप्तान टीम का बहुत महत्वपूर्ण अंग होता है। इसलिए उसे समिति की पसंद को नकारना नहीं चाहिए।”

टीम इंडिया का कोच नियुक्त होने के बाद कुंबले शिर्के के साथ एक बैठक में सम्मिलित हुए थे। इस मीटिंग में कोहली भी मौजूद थे। जब शिर्के से इस मीटिंग के बारे में पूछा गया तो शिर्के ने कहा, “जैसा कि वह मीटिंग बंद दरवाजों के अंदर हुई थी, इसे बंद दरवाजों के भीतर ही रहना चाहिए।”