विशाखापत्तनम टेस्ट में कोहली ने 50वें टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।  © AFP
विशाखापत्तनम टेस्ट में कोहली ने 50वें टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। © AFP

इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम टेस्ट में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम के हौसले काफी बढ़े हुए हैं। वाइजैग टेस्ट के बाद कई दिग्गज खिलाड़ियों ने भी कप्तान विराट कोहली की तारीफ की। वहीं इंग्लैंड के कप्तान एलियेस्टर कुक ने भी यह माना कि उनकी हार का सबसे बड़ा कारण कोहली ही थे। उन्होंने जो 248 रन बनाए उससे मैच में काफी फर्क पड़ा। लेकिन कप्तान कोहली का मानना है कि इंग्लैंड की हार का कारण उनकी बल्लेबाजी थी। भारत के सफल टेस्ट कप्तान का कहना है कि मैच के पांचवें दिन इंग्लैंड और अच्छा खेल सकती थी। अगर उनका इरादा मजबूत होता तो वह 405 रन बनाए जा सकते थे। ये भी पढ़ें: पांच टेस्ट मैच जब 250 से भी ज्यादा रनों से जीती टीम इंडिया

वाइजैग टेस्ट के चौथे दिन जब सलामी जोड़ी कप्तान कुक और हसीब हमीद क्रीज पर उतरे थे तब भारत की स्थिति काफी मजबूत थी। इसके बाद जैसे जैसे खेल आगे बढ़ा दोनों बल्लेबाजों ने 75 रनों की एक अच्छी साझेदारी बना ली लेकिन उनके आउट होने के बाद और कोई इंग्लिश बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। इंग्लैंड की टीम ने पांचवें दिन लगातार विकेट खोए और मैच हार गई। वहीं अगर देखा जाय तो कुक और हमीद भी जिस तरह बल्लेबाजी कर रहे थे लग रहा था कि वह हार मान चुके थे। सलामी जोड़ी के पवेलियन लौटते ही किसी भी बल्लेबाज ने मैच बचाने के लिए भी संघर्ष नहीं किया। कोहली ने इस बारें में कहा, ” वह 1.5 की रन रेट पर खेल रहे थे, हमने सोचा था कि वह इससे ज्यादा मजबूत इरादे से खेलने आएंगे। और उन्होंने हमें इस बात का भरोसा दिया कि अगर एक-दो विकेट गिर जाते हैं तो पूरी टीम बिखर जाएगी क्योंकि बल्लेबाजों के इरादे मजबूत नहीं थे। अगर मैं साफ शब्दों में कहूं तो यह सबसे जरूरी बात है, अगर आप चौथी पारी में मजबूत इरादे के साथ नहीं उतरते तो खेल काफी कठिन हो जाता है क्योंकि साढ़े चार सत्र खेलना काफी मुश्किल होता है।” कोहली हमेशा से ही आक्रामक और भावुक खिलाड़ी माने जाते रहे हैं। मैदान पर जब वह उतरते हैं तो उन्हें जीत से कम कुछ नहीं चाहिए होता। और वह चाहते हैं कि सभी खिलाड़ी चाहे अपनी टीम के हो या विपक्षी टीम के इसी मानसिकता के साथ मैदान पर आएं। ये भी पढ़ें: आईसीसी टेस्ट रैंकिंग जारी: विराट कोहली को मिली करियर की बेस्ट पोजीशन

कोहली से जब उनके हर मैच में रन बनाने का राज पूछा गया तो उन्होंने कहा, “क्या होता है कि आपको गेंदबाज को समझना होता है, गेंदबाज को अटैक करने के साथ ही स्थिति को समझना भी आवश्यक है। विकेट पर आपको शांत रहना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा समय बिताने के बारें में सोचना चाहिए। ज्यादा समय तक विकेट पर रहने से रन तो जरूर ही बनते हैं।” कोहली ने आगे यह भी कहा, “मुझे लगता है कि मैं उनमें से एक हूं इसलिए मैं फील्ड पर जाता हूं और एक या दो सत्र खेलने की कोशिश करता हूं। मैं रन बनाने की कोशिश करता हूं पर मैं हमेशा रन बनाने के बारें में नहीं सोचता। क्रीज पर समय बिताना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।” कोहली ने मैच जीतने में गेंदबाजों के योगदान को सराहा और कहा कि सभी एक साथ मिलकर अच्छे तालमेल के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: महिला क्रिकेट: वेस्टइंडीज ने भारत को 15 रनों से हराया

कोहली ने कहा, “हमने यह देखा था कि इस मैच में भी हमनें 450-460 तक का स्कोर बनाया है। इसलिए इंग्लैंड के बल्लेबाज जानते थे कि वह कोई गलती नहीं कर सकते हैं और अगर वह गलती करते हैं तो तीन चार विकेट एक ही सत्र में गिर सकते थे और इस वजह से हम 200 रन की बढ़त पाने में कामयाब रहे। मेरा मानना है कि पहली पारी काफी अहम होती है क्योंकि बाद में खेलना और मुश्किल हो जातो है। अगर आप शुरूआत में ही 200-250 रन अतिरिक्त बना लेते हैं तो आपको दूसरी पारी में इसका फायदा मिलता है।”