ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के तीन मैचों में तीन अलग-अलग (नंबर तीन, नंबर पांच और सलामी बल्लेबाज) क्रम में खेलकर केएल राहुल ने दिखा दिया कि वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो टीम के हित के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार हैं, यहां तक कि विकेटकीपिंग भी। रिषभ पंत के चोटिल होने की स्थिति में राहुल ने तीनों ही मैचों में विकेटकीपिंग की, जिससे कप्तान विराट कोहली बेहद प्रभावित हैं। उनका कहना है कि राहुल के बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज खेलने से टीम को बेहतर संतुलन मिलता है।

बैंगलुरू वनडे में जीत के साथ सीरीज पर कब्जा करने के बाद कोहली ने कहा, “इससे (राहुल के विकेटकीपिंग करने) आपको एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने की आजादी मिलती है। टीम चुनते समय ये एक अहम बात है। आप 2003 के विश्व कप में राहुल द्रविड़ के उदाहरण को देख सकते हैं, जब उन्होंने विकेटकीपिंग करना शुरू किया था, टीम का संतुलन और बेहतर हो गया था और स्क्वाड में अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाया जा सका था।”

कप्तान ने कहा, “केएल राहुल की भी क्रम में खेलने के लिए तैयार हैं, क्योंकि वो एक पूर्ण बल्लेबाज है। वो कोई ऐसा खइलाड़ी नहीं है जो कि जाकर गेंद को जोर से हिट करेगा लेकिन वो ऐसा काम कर सकता है जैसा उसने राजकोट में किया। उसने पिछले छह महीनों ने उन चीजों के बारे में सोचा जो करने की उसे जरूरत है। ये और भी अच्छा है कि वो विकेटकीपिंग भी करता है।”

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कोहली के इस बयान के बाद चोटिल पंत के टीम में वापसी और टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। दिल्ली के इस युवा बल्लेबाज ने कई विस्फोटक पारियां जरूर खेली हैं लेकिन एक पूर्ण विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर छाप नहीं छोड़ पाए हैं। वहीं पंत के आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर खेलने पर भी संशय है क्योंकि कोहली ने साफ कहा कि वो कम से कम पहले दो टी20 मैचों के लिए तो प्लेइंग इलेवन में बदलाव नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि हमारे पास टीम में क्या है। जैसा कि मैंने कहा राहुल टीम में संतुलन लाता है। हमें इसी के साथ बने रहना होगा चूंकि इसने (बल्लेबाजी क्रम) अच्छा प्रदर्शन किया है। हमें देखना होगा कि ये काम करता है या नहीं, आप बदलाव नहीं कर सकते। मुझे ऐसा कोई कारण नहीं नजर आता जिसकी वजह से प्लेइंग में बदलाव करना पड़े।”