Virat Kohli: For me journey of 50 centuries has not been that long
विराट कोहली © Getty Images

कोलकाता टेस्ट के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने बयान दिया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 शतक पूरा करने का उनका सफर उतना लंबा नहीं रहा है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के आखिरी दिन शतक लगाया। टेस्ट क्रिकेट में यह उनका 18वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50वां शतक है। कोहली ने कहा कि उनके लिए रिेकॉर्ड सिर्फ नंबर हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मैच ड्रा होने के बाद उन्होंने कहा, ‘‘50 शतक बनाकर अच्छा लगता है लेकिन मेरा सफर इतना लंबा नहीं रहा है। शतकों की संख्या के बारे में सोचने की जगह अगर मैं अपने प्रदर्शन में सुधार कर सका तो इससे मुझे ज्यादा खुशी मिलेगी। जब तक मैं क्रिकेट खेलूंगा मेरी यही सोच रहेगी।’’

कोलकाता टेस्ट: जब मैदान पर भिड़ गए विराट कोहली-निरोशन डिकवेला
कोलकाता टेस्ट: जब मैदान पर भिड़ गए विराट कोहली-निरोशन डिकवेला

कोहली के नाबाद 104 रन के दम पर भारत ने दूसरी पारी आठ विकेट पर 352 बना कर घोषित कर दी जिससे श्रीलंका के सामने जीत के लिये एक सेशन में 231 रन बनाने का लक्ष्य था। भारतीय गेंदबाजों ने पूरे दमखम से गेंदबाजी कर खराब रोशनी के बावजूद स्टंप तक 75 रन पर उनके सात विकेट गिरा दिए। कोहली से पूछा गया कि आखिरी सत्र में टीम के दिमाग में क्या चल रहा था तो उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मैच का काफी समय खराब होने के बाद भी टीम के खिलाड़ियों ने जो जज्बा दिखाया उससे वह काफी खुश है।

टीम के प्रदर्शन पर गर्व है

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास जो भी था उसमें इस मैच से कुछ हासिल करना जरूरी था। पांच दिनों में परिस्थितियों में काफी बदलाव आया। मैच के पहले या दूसरे दिन तक पिछड़े रहने के बाद हमें जज्बा दिखाना था। टीम ने काफी जज्बा दिखाया, हम बल्लेबाजी में बिखरने के बारे में नहीं सोच रहे थे। हमें अपने मजबूत पक्ष पर भरोसा था। अगर आप मानसिक रूप से मजबूत नहीं है तो ऐसी विकेट पर खेलना मुश्किल हो जाता है। हम ने जिस तरह मैच खत्म किया उस पर मुझे फख्र है।’’

विदेशी दौरों का अहम हिस्सा हैं भुवनेश्वर कुमार

मैच में 96 रन पर आठ विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार को मैन ऑफ मैच चुना गया और कोहली ने भी उनकी खूब तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘भुवनेश्वर की गेंदबाजी की गति बढ़ी है। वह पहले से तेज गेंद फेंक रहे हैं। उन्हें जब भी टीम में मौका मिलता है वह इसका फायदा उठाते हैं। वह टेस्ट मैचों में नई गेंद से गेंदबाजी करने के बड़े दावेदार बन गए हैं। वह हमारी भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं खास कर विदेशों में होने वाले मैचों के लिये।’’ बता दें कि टीम इंडिया को अगले साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाना है, जहां भुवनेश्वर कुमार अहम गेंदबाज साबित हो सकते हैं।