विराट कोहली और केदार जाधव  © Getty Images
विराट कोहली और केदार जाधव © Getty Images

पहले मैच में शानदार बल्लेबाजी करने वाले केदार जाधव की भारतीय कप्तान विराट कोहली ने तारीफ की है। कोहली ने जाधव की पारी को शानदार, सबसे बेहतरीन पारियों में से एक करार दिया। कोहली ने कहा कि ये बहुत ही खास लम्हा था, टीम में एक और ऐसा खिलाड़ी होना जिसे विश्वास हो कि हम किसी भी हालात में जीत दर्ज कर सकते हैं बहुत ही अच्छा था। साथ ही इससे मेरा भी आत्मविश्वास काफी बढ़ा।

कोहली ने कहा कि केदार जाधव की पारी बेहतरीन थी। इंग्लैंड के पास चार तेज गेंदबाज थे और जाधव ने चारों ही गेंदबाजों का बेहतरीन ढंग से सामना किया। जाधव ने साथ ही स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक बल्लेबाजी की और उनके स्पिनरों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। जब जधाव कोहली का साथ देने क्रीज पर आए थे तो भारत का स्कोर 12वें ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 63 रन था। लेकिन जाधव मैदान पर आते ही आक्रामक शॉट खेलने लगे और कोहली के ऊपर दबाव नहीं आने दिया। जाधव ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ पुल शॉट और स्पिनरों के खिलाफ उठा कर शॉट खेले। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 147 गेंदों में 200 रनों की साझेदारी निभाई। कोहली ने कहा कि यह बेहद ही खास साझेदारी थी जिनमें मैं शामिल रहा। कोहली ने साथ ही कहा कि जाधव ने जिस तरह के शॉट खेले उनपर विश्वास करना मुश्किल था और मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था जाधव ऐसे शॉट खेल सकते हैं।  ये भी पढ़ें: विराट कोहली ने जड़ा ऐसा छक्का कि हर कोई रह गया स्तब्ध

मैंने और जाधव ने सोचा कि हम दोनों मिलकर पारी के स्कोर 150-160 तक ले गए तो हम मैच जीत सकते हैं। दूसरी पारी में पिच बल्लेबाजी के लिए और आसान हो गई थी और हमने इसका फायदा उठाया। हमने इससे पहले भी 350 के स्कोर को पार किया था, लेकिन कभी भी 63/4 से हम ऐसा नहीं कर सके थे। मुझो काफी अच्छा लग रहा है कि मैं उस दिन उसके साथ था और लगातार उसे समझा रहा था। कोहली ने आगे कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी सीरीज में जाधव ने कुछ खास नहीं किया था और इसके लिए वह बेहद निराश था। मैंने उससे कहा कि तुम इस हालात में सबसे अच्छा सीख सकते हो। इसका कोई मतलब नहीं है कि आप बाहर बैठ के सोचो कि आपसे कहां गलती हुई या आपने अभी तक क्या किया। जब कोई खिलाड़ी बेहतरीन पुल और शानदार स्ट्रोक खेल रहा होता है तो आपको उससे ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहिए क्योंकि इससे वह दुविधा में पड़ सकता है। हालांकि जब उसके पैरों में क्रैंप आए तो मैंने उसे अपने खेल पर ध्यान देने के लिए कहा।

कोहली ने कहा कि ज्यादा मैच खेलने से ही खेल की समझ नहीं आती, आप 10 मैचों के बाद भी खेल को सही तरीके से समझ सकते हैं। जितनी जल्दी आप खेल को समझ लोगो टीम के लिए उतना ही अच्छा होता है। और ये उसी का उदाहरण था। टीम के सभी 11 खलिाड़ियों के अंदर विश्वास है कि वो किसी भी हालात से टीम को जीत दिला सकते हैं।