Virat Kohli, MS Dhoni cannot cost their reputaion for match fixing, says BCCI ACU
Virat Kohli with MS Dhoni (File Photo) @ AFP

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार रोधी ईकाई (एससीयू) के प्रमुख अजीत सिंह का मानना है कि सट्टेबाज कभी भी विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी जैसे स्टार खिलाड़ियों से संपर्क करने का प्रयास नहीं करेंगे क्योंकि इस कद के खिलाड़ी कभी भी सट्टेबाजों के झांसे में नहीं आएंगे। अजीत का यह बयान तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) में लगे फिक्सिंग के आरोपों के बाद आया है।

पढ़ें:- India vs South Africa: मोहाली टी20 में ऐसा हो सकता है भारत का प्‍लेइंग इलेवन

अजीत ने कहा, “अगर आप मुझसे पूछेंगे तो आज क्रिकेट में अगर कोई स्टार खिलाड़ी इस तरह की चीजों में संलिप्त होता है तो वह अपना नुकसान करता है। मान लीजिए कि अगर विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी जैसे स्टार क्रिकेटर इसमें शामिल होते हैं तो इससे उन्हें पैसों और प्रतिष्ठिता दोनों का नुकसान है। प्रतिष्ठिा अधिक मायने रखती है। इसलिए वे इन चीजों के लिए अपनी प्रतिष्ठता नहीं खोएंगे।”

उन्होंने कहा, “वे लोग (सट्टेबाज) मौके तलाशते हैं जो कि वे कर सकते हैं। अगर वे किसी टूर्नामेंट में ऐसा नहीं करते हैं तो वे अपनी लीग शुरू करते हैं। वे अब दूसरे देश की तरफ देख रहे हैं, जहां वे टूर्नामेंटों का आयोजन करते हैं।”

पढ़ें:- IND A vs SA A: भारत के लिए डेब्‍यू से पहले शुबमन गिल की धमाकेदार पारी

एसीयू प्रमुख ने कहा, “आप किसी को टूर्नामेंट का आयोजन करने से नहीं रोक सकते क्योंकि यह एक स्वतंत्र देश है। लेकिन बीसीसीआई ऐसा कर सकती है और यह कह सकती है कि यह मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए खिलाड़ियों का नामांकन नहीं हो सकता।”

अजीत ने कहा कि ऐसे मामले अब भारत से बाहर जाते दिख रहे हैं जो कि यह दर्शाता है कि बीसीसीआई इस खेल में भ्रष्टाचार को रोकने के अपने प्रयास में सफल रहा है।

पढ़ें:- धर्मशाला टी20 रद्द होने के बाद HPCA फैन्‍स को लौटाएगा टिकट की राशि

उन्होंने कहा, “सट्टेबाजों के लिए अब चीजें मुश्किल हो रही हैं, इसलिए अब उन्हें अलग-अलग तरीकों और साधनों को खोजना होगा क्योंकि अब वे इसमें अपने धंधे को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं। इसलिए अब उन्हें बाहर लीग का आयोजन करते देखा जा सकता है। इस मामले में हम आईसीसी को लगातार सुझाव देते रहते हैं।”

एसीयू प्रमुख का मानना है कि सट्टेबाजी को वैध करने के अलावा खेलों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आपराधिक आपराध बनाए जाने की जरूरत है।