भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने आखिरकार यूएई और ओमान में 17 सितंबर से शुरू हुए टी20 विश्व कप के लिए चुने गए 15 सदस्यीय स्क्वाड में रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) को शामिल किए जाने के पीछे के कारण पर बात की है। भारतीय कप्तान ने कहा कि अनुभवी ऑफ स्पिनर को सीमित ओवरों फॉर्मेट में अपनी काबिलियत दिखाने की ईनाम मिला है।

अश्विन ने हाल ही में आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने साथी रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर लंबे समय तक भारत का स्पिनर अटैक संभाला है। और कप्तान कोहली ने उस अनुभव पर भरोसा दिखाया है।

कोहली ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अश्विन को सीमित ओवर फॉर्मेट के अपने कौशल को पुनर्जीवित करने का ईनाम दिया गया है। वो सीमित ओवर फॉर्मेट में काफी साहस के साथ गेंदबाजी करते हैं।”

उन्होंने कहा, “यदि आपने पिछले कुछ सालों के आईपीएल सीजन देखें तो उसने मुश्किल ओवरों में गेंदबाजी की है, उसने आईपीएल में शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ गेंदबाजी की है, और गेंद को सही एरिया में डालने में कतराए नहीं है। पावर हिटर्स ने गेंद को जिस तरह से मारा, उससे स्पिनर डर सकते हैं, लेकिन अश्विन को अपने कौशल पर विश्वास था।”

कोहली ने आगे कहा, “हमें लगा कि जिस तरह से वो गेंदबाजी कर रहा था और उसके वैरिएशंस और गति पर उसका नियंत्रण कुछ ऐसा है … ये लोग वहां जा सकते हैं और अपने स्पैल से खेल बदल सकते हैं।”

अश्विन ने 4 साल के ब्रेक के बाद भारत की टी20 टीम में वापसी की है। रिस्ट स्पिनरों की जगह उनका चयन कई प्रशंसकों और क्रिकेट पंडितों के लिए आश्चर्य का विषय था। हालांकि कप्तान कोहली का मानना है कि यूएई में फिंगर स्पिनर ज्यादा सटीक हो सकते हैं।

कप्तान ने कहा, “रिस्ट स्पिनरों की मांग थी, ज्यादातर बीच के ओवरों के दौरान, लेकिन अब उस सटीकता के साथ फिंगर स्पिनर फिर से खेल में आ गए हैं। इसलिए हमें खेल के बदलाव के साथ एक टीम के तौर पर बदलना होगा। अश्विन और रवींद्र जडेजा के खूबसूरती से प्रदर्शन करते हुए, ये लोग लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।”