विराट कोहली © Getty Images
विराट कोहली © Getty Images

विराट कोहली भारतीय टीम का नया चेहरा हैं, ऐसा चेहरा जो एक युवा और हर हाल में जीत हासिल करने के लिए खेलने वाली टीम को दर्शाता है। कोहली जानते हैं कि श्रीलंका के खिलाफ पूरा दौरा क्लीन स्वीप पर लौटी टीम इंडिया के सामने अब भी कई बड़ी चुनौतियां है। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में कोई सीरीज नहीं जीती है, कोहली का कहना है कि ये उनके लिए मौका है। कोहली ने कहा, “मैं लाखों लोगों में से चुने गए उन 15 खिलाड़ियों में से एक हूं जो भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, उन सब चीजों को छोड़ना पड़ता है जो आपके और जीत के बीच में आती हैं। लक्ष्य पर ध्यान लगाकर लगातार अभ्यास करना पड़ता है।”

कोहली ने इकॉनामिक टाइम्स से बातचीत में कहा, “आपको मुझमें वही दिखेगा जो सच है, मैं चीजें छुपाने में यकीन नहीं रखता हूं। 10 साल पहले मैने नहीं सोचा था कि मैं यहां टीम इंडिया के कप्तान के रूप में बैठकर आपसे बात कर रहा होगा लेकिन यही सच है। मैं जो भी करता हूं उसे लेकर हमेशा उत्साहित रहूंगा।” कोहली ने आरएसपीजी स्पोर्ट्स अवार्ड के आयोजन समारोह के दौरान ये बातें कही। सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाले कोहली ने यहां भी सचिन को लेकर बयान दिया। [ये भी पढ़ें: महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया है ऐसा रिकॉर्ड जिसे नहीं तोड़ पाया कोई भी भारतीय कप्तान]

कोहली ने कहा, “जब मैं छोटा था तो सचिन तेंदुलकर को बड़े आश्चर्य से देखा करता था। मैं उनके जैसा बनना चाहता था। तब मैं अपने आप से कहा करता था मैं भी भारत के लिए कुछ ऐसा ही करना चाहता हूं।” बता दें कि कोहली ने सचिन को उनके आखिरी मैच के दिन एक बहुत खास तोहफा दिया था। कोहली ने अपने पिता से मिले धागे सचिन को उनके संन्यास लेने पर दिए थे। इस बारे में कोहली ने कहा, “मैं वही करता हूं जो मेरा दिल कहता है, मैं पहले से कोई योजना नहीं बनाता हूं। अगर मुझे कुछ अच्छा लगता है तो मैं वो कर देता हूं। मैं ऐसा ही हूं।”