Virat Kohli, Rohit Sharma showed faith in my abilities, says Khaleel Ahmed
Khaleel Ahmed (IANS)

कोई युवा क्रिकेटर कितना ही काबिल क्यों ना हो, राष्ट्रीय टीम में आने के बाद जब तक सीनियर खिलाड़ी उस पर भरोसा नहीं दिखाते तब तक उसका कोई मतलब नहीं। ऐसा कहना है बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद का। इसी वजह से अहमद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा के उनकी काबिलियत पर भरोसा करने के लिए इन दो सीनियर खिलाड़ियों के शुक्रगुजार हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में इस गेंदबाज ने कहा, “भगवान की दया से मैं अपना सपना जी रहा हूं लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों के समर्थन के बिना ये मुमकिन नहीं हो पाता। सबसे पहले कोहली भाई और रोहित भाई ने मेरा स्वागत किया और मुझे घर जैसा महसूस कराया। बतौर युवा खिलाड़ी टीम में आने से मैं काफी नर्वस महसूस कर रहा था लेकिन उन्होंने मुझे अपने हिसाब से गेंदबाजी करने की आजादी दी।”

खलील ने आगे कहा, “आप अपनी काबिलियत को लेकर चाहे हजार बातें सोचते हों लेकिन जब तक सीनियर खिलाड़ी आपके ऊपर भरोसा नहीं दिखाते हैं, उन बातों का कोई मतलब नहीं। लेकिन कोहली भाई और रोहित भाई ने मुझे पूरी आजादी दी। उन्होंने एक बार भी मेरे लिए फील्ड को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं की, ना ही मेरी लाइन और लेंथ को बदलने की कोशिश की। इस तरह के कप्तान पाना मेरी खुशकिस्मती है।”

खलील ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर काफी उत्साहित हैं, वो इसे अपने करियर का बड़ा मौका मान रहे हैं। अहमद ने कहा, “हम पहले टी20 मैच से कुछ दिन पहले वहां जा रहे हैं और इससे हमे हालात को समझने में मदद मिलेगी। मैं ज्यादा आगे की नहीं सोच रहा और जो भी परिस्थितियां मिलेंगी उसका पूरा फायदा उठाएंगे। हां, विकेट से तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी, योजना सही एरिया में गेंद कराने और बल्लेबाजों को गलतियां करने पर मजबूर करने की होगी।”

गेंदबाजों को पूरा भरोसा दिलाते हैं महेंद्र सिंह धोनी

खलील ने अब तक के अपने 9 मैचों के करियर में विराट, रोहित के साथ साथ महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भी खेला है। एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ जब धोनी अपने 200वें वनडे मैच में कप्तान करने उतरे तो खलील उस प्लेइंग इलेवन का हिस्सा था।

धोनी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे माही भाई के विकेट के पीछे रहते गेंदबाजी करने का मौका मिला। आप जानते हैं कि उनकी विकेटकीपिंग में गेंदबाजी करने की सबसे अच्छी बात क्या है? उनके विकेट के पीछे रहते आप कैच छूटने या किनारे से रन जाने के बारे में नहीं सोचते। आप देखते होंगे कि जब माही भाई रहते हैं तो मैं स्लिप थोड़ी वाइड रखता हूं। बतौर गेंदबाज इस तरह का भरोसा वो आपको देते हैं। साथ ही वो मुझे लाइन और लेंथ के बारे में बताने के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। उनके शांत स्वभाव का रंग आप पर भी चढ़ जाता है।”