सचिन तेंदुलकर-विराट कोहली © Getty Images
सचिन तेंदुलकर-विराट कोहली © Getty Images

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने आज टीचर्स डे के मौके पर अपनी जिंदगी का एक ऐसा किस्सा लोगों के सामने रखा जिसने छोटे से सचिन को क्रिकेट का भगवान बना दिया। सभी जानते हैं कि एक खिलाड़ी की तरक्की में उसके कोच का कितना बड़ा हाथ होता है, सचिन भी इससे अलग नहीं हैं। आज वह जो कुछ भी हैं उसमें उनके कोच रमाकांत आचरेकर का बहुत योगदान है। सचिन ने आज अपने गुरु को याद करते हुए ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर अपने जीवन की एक बहुत बड़ी घटना के बारे में बताया।

इस वीडियो में सचिन ने कहा, “हमारे स्कूल का एक बड़ा अजीब सा अनुभव था, मैं केवल जूनियर टीम के लिए खेलता था। हमारी सीनियर टीम हैरिस शील्ड का फाइनल मैच वानखेड़े स्टेडियम में खेल रही थी। मेरे कोच ने मेरे लिए एक अभ्यास मैच का इंतजाम किया था। स्कूल खत्म होने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि तुम मैदान पर जाओ, मैने कप्तान से बात कर ली है वो तुम्हें चार नंबर पर बैटिंग करने देगा। तुमको फील्डिंग करने की जरूरत नहीं है। रन कैसे बनाने हैं ये आप केवल मैच में ही सीखते हो। मैं सब छोड़कर स्टेडियम में बैठकर अपनी टीम को चीयर करने लगा। जब सर ने मुझसे पूछा कि मैने आज कितने रन बनाए तो मैने कहा कि मैं अपनी सीनियर टीम को चीयर कर रहा था। सर ने कहा तुम्हें किसी के लिए तालियां बजाने की जरूरत नहीं है। ऐसा काम करो कि सब तुम्हारे लिए तालियां बजाएं। तब से मैने आज तक कोई मैच मिस नहीं किया।” [ये भी पढ़ें: गुवाहाटी के नये स्टेडियम को मिली आईसीसी की मंजूरी, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा मुकाबला]

 

 

अपने कोच और गुरु से मिले इस एक सबक ने सचिन की जिंदगी बदल दी। सचिन के साथ भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट कर अपने सभी सीनियर खिलाड़ियों को टीचर्स डे की बधाई दी। कोहली ने सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, कपिल देव, राहुल द्रविड़ समेत कई दिग्गज क्रिकेटरों को शुक्रिया कहा। वीरेंदर सहवाग और मोहम्मद कैफ ने भी ट्विटर के जरिए सभी को टीचर्स डे की बधाई दी।