भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली है। © AFP
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली है। © AFP

भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली इस समय अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज भारत ने 3-0 से जीत ली है, अब चेन्नई में खेले जाने वाले आखिरी टेस्ट में भारत  क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगा। वहीं मुंबई टेस्ट में भारतीय टीम ने न केवल जीत हासिल की बल्कि कोहली समेत रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और जयंत यादव ने कई कीर्तिमान बनाए। हालांकि कप्तान कोहली का मानना है कि अगर लगातार सीरीज जीतनी है तो निजी रिकॉर्ड से ऊपर उठकर सोचना होगा और यह भारतीय टीम एकदम ऐसी ही है। ये भी पढ़ें: गौतम गंभीर ने कहा महेंद्र सिंह धोनी के साथ नहीं है कोई दुश्मनी

कोहली ने कहा, “एक चीज जो मैं सबसे ज्यादा चाहता था इस टीम के लिए वह थी कि सभी खिलाड़ी खुद को अभिव्यक्त करें और निजी प्रदर्शन के बारें में न सोंचे। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि आपके पास केवल एक घंटा होता है खेल को बदलने का लेकिन आप पूरी कोशिश नहीं कर पाते हो क्योंकि आप अपने किसी निजी रिकॉर्ड के काफी करीब होते हो जिससे दबाव बनता है। यह कुछ ऐसी बातें हैं जो हमने अपने सिस्टम में पूरी तरह बिठा ली हैं। हम केवल परस्थिति को देखते हैं और खेलते हैं, इस वजह से हम अक्सर ही विनिंग पोजीशन में रहते हैं।” वहीं पिछले काफी समय से खिलाड़ियों की इंजरी के कारण भारतीय टीम में कई बदलाव किए गए हैं। इस पर भी कोहली ने अपने विचार व्यक्त किए, उन्होंने कहा, “हम जिस टीम के साथ खेल रहे थे, उसमें कई बदलाव किए और सभी ने इसे स्वीकार किया। एक कप्तान के बतौर इससे आपको पूरी स्वतंत्रता मिलती है कि आप स्थिति के अनुसार अंतिम एकादश चुन सकें और अंतत मैच के साथ सीरीज भी जीत सकें। इसी वजह से हमने लगातार पांच सीरीज जीती हैं।” ये भी पढ़ें: वरदा तूफान के कारण दोनों टीमें नहीं कर सकीं अभ्यास

कोहली ने आगे कहा, “जैसा मैने बताया, यह सभी खिलाड़ियों के साझे प्रयास से संभव हो सका है और आगे भी होता रहेगा क्योंकि हम अगले 8-10 साल तक खेलने वाले हैं। इस मानसिकता का लगातार बने रहना हमारे शीर्ष टीम बने रहने के लिए जरूरी है।” भारत बनाम इंग्लैंड पांचवा और अंतिम टेस्ट 16 दिसंबर से चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाना है।