virat kohli t20 future depends on england series says report

नई दिल्ली: ‘जब तक बल्ला चल रहा है, तब तक ठाठ हैं…’ कुछ समय पहले टेलिविजन पर युवराज सिंह के एक विज्ञापन में यह लाइन कही जाती थी। खेल के मैदान पर प्रदर्शन से ज्यादा कुछ मायने नहीं रखता। बल्ले से निकले रन ही सभी को दिखते हैं। और कोहली के बल्ले से रन नहीं निकल रहे। तीन साल होने को आए हैं और कोहली अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं लगा पाए। एक वक्त था जब कोहली मैदान पर उतरते थे और रन बहने लगे। अब ऐसा नहीं है।

करीब नौ महीने पहले जब कोहली ने टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी तो लगा कि शायद इससे उनका बोझ कम होगा और फिर पुराना कोहली लौटेगा। लेकिन यह भी एक मुगालता ही साबित हुआ। कोहली ने जब कप्तानी छोड़ी थी तब शायद ही उन्होंने सोचा हो कि टी20 वर्ल्ड कप की टीम में जगह बनाने के लिए भी कोहली को संघर्ष करना पड़ेगा।

बुधवार को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम का ऐलान किया। इसमें कमान शिखर धवन को सौंपी गई। नियमित कप्तान रोहित शर्मा के साथ ही कोहली और जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया। हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत भी इस टीम का हिस्सा नहीं हैं।

लेकिन खबर सिर्फ इतनी ही नहीं। खबर यह है कि रोहित,पंत और पंड्या टीम के साथ वेस्टइंडीज जाएंगे और वहां पांच टी20 मैचों की सीरीज का हिस्सा होंगे। लेकिन सवाल कोहली पर है। और कोहली के टी20 भविष्य पर। कोहली का टी20 क्रिकेट में भविष्य क्या होगा यह इंग्लैंड के खिलाफ दो टी20 और तीन वनडे इंटरनैशनल मैचों पर निर्भर करेगा। और ये मैच अगले 10 दिन में खेले जाने हैं।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारतीय टीम प्रबंधन और सिलेक्टर्स कोहली को टी20 इंटरनैशनल में मिडल-ऑर्डर में मौका देने को लेकर स्पष्ट नहीं हैं। अखबार ने अपने सूत्र के हवाले से बताया, ‘टी20 टीम को जारी रखकर यह देखा गया कि सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिए जाने की जरूरत है। रोहित, पंत और पंड्या वेस्टइंडीज में टी20 इंटरनैशनल मैच खेल सकते हैं। बुमराह का नहीं वेस्टइंडीज जाना लगभग तय है। जहां तक कोहली की बात है यह देखना होगा कि टीम प्रबंधन टी20 वर्ल्ड कप को लेकर क्या चाहता है। इंग्लैंड में सीमित ओवरों की यह सीरीज कोहली के लिए बहुत मायने रखती है।’

सालभर से ज्यादा हो गया है कोहली फॉर्म में नहीं हैं। आईपीएल में भी टी20 फॉर्मेट में वह संघर्ष करते दिखे। अपने नैसर्गिक खुलकर खेलने की वह परछाई नजर आ रहे हैं। मिडल-ऑर्डर में टीम इंडिया के पास कई विकल्प भी आ गए हैं। सूर्यकुमार यादव, पंत, पंड्या, जडेजा, दीपक हुड्डा, संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर के रूप में कई ऑप्शन हैं। ऐसे में कोहली शायद दौड़ में पिछड़ते नजर आ रहे हैं।

सूत्र ने कहा, ‘हर सिलेक्शन मीटिंग में वर्कलोड मैनेजमेंट का सवाल उठता है। रोहित, कोहली, पंड्या, बुमराह और शमी हमेशा आराम की मांग करते हैं। इन खिलाड़ियों को हमेशा आराम में तरजीह दी जाती है। ट्रेनर्स और फिजियो टीम प्रबंधन के जरिए सिलेक्टर्स को नोट भेजते हैं कि किन खिलाड़ियों को आराम दिए जाने की जरूरत है।’

अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा, ‘ये खिलाड़ी हर दूसरी सीरीज में आराम करते हैं। इन सबके पास बीसीसीआई का अच्छा अनुबंध है। रोहित जब से फुल टाइम कप्तान बने हैं तब से भारत के लिए न के बराबर खेले हैं। पंड्या अभी भारत के लिए खेलने लौटे हैं। बुमराह और शमी भी सिलेक्टेड मैच खेले हैं। और कोहली को हर सीरीज के बाद आराम दिया गया है। और फिर हमें एक टीम के सेट न होने की परेशानी का सामना करना पड़ता है। पिछले दो साल में पंत इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा मैच खेले हैं।’