टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) ने कहा कि नवंबर में टी20 विश्व कप के बाद विराट कोहली (Virat Kohli) के भारत के टी20 कप्तानी से हटने के फैसले के बारे में जानकर वो हैरान थे।

भारतीय कप्तान कोहली ने ट्विटर और इंस्टाग्राम के जरिए आगामी टी20 विश्व कप के बाद इस फॉर्मेट की कप्तानी से इस्ताफी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये महत्वपूर्ण कदम उठाने से पहले उन्होंने कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) और टीम के साथी और सीमित ओवर फॉर्मेट टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा के साथ बात की।

स्पोर्टस्टार से बातचीत में प्रसाद ने माना कि तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की अगुवाई करने का वर्कलोड और बायो-बबल में रहने का तनाव कोहली के बड़े फैसले के पीछे का कारण हो सकता है।

उन्होंने कहा, “ये थोड़ी हैरानी की बात है कि टी20 विश्व कप से पहले फैसले की घोषणा की गई थी। लेकिन फिर, एक बायो बबल से दूसरे बायो बबल में जाने के कारण जो तनाव होता है, वो स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और इसने उनकी मानसिकता को प्रभावित किया है।”

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, “विराट वो खिलाड़ी है जिसने एक दशक में 70 शतक (वनडे मैचों में 43 और टेस्ट में 27) बनाए हैं और कुछ अविश्वसनीय हासिल किया है और खेल के उच्च मानक स्थापित किए हैं। शायद बायो बबल का उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ा, और शायद इसी वजह से उन्होंने टी20 विश्व कप से पहले ऐसा निर्णय लिया होगा। हो सकता है, वो एक फॉर्मेट को छोड़ कर खुद को कम करना चाहते थे।”

पूर्व चयनकर्ता ने आगे कहा कि पद छोड़ने के फैसले से कोहली का तनाव कम होगा और उन्हें आगामी टी20 विश्व कप में बिना ज्यादा दबाव के भारतीय टीम का नेतृत्व करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, “विराट की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट ने टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में सफलता हासिल की हैं। हमने न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में सफलता हासिल की है और ये टी20 विश्व कप उनकी कप्तानी में पहला मेगा टी20 टूर्नामेंट होगा।”

प्रसाद ने कहा, “इस फैसले से उनका तनाव कम होगा और उनका थोड़ा बोझ हटेगा क्योंकि उन्हें पता है कि वो टूर्नामेंट के बाद किसी एक फॉर्मेट को छोड़ देंगे और इससे शायद उन्हें बड़े टूर्नामेंट में थोड़ी राहत मिलेगी।”