साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डे-नाइट टेस्ट फॉर्मेट की शुरुआत किए जाने के चार साल बाद आखिरकार भारतीय टीम ने गुलाबी गेंद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनाया। बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने उतरी टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का कहना है कि इस मैच को खेलकर मौजूदा खिलाड़ी पूर्व दिग्गजों के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं।

ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान में आयोजित मैच के टॉस के दौरान कप्तान कोहली ने कहा, “गुलाबी गेंद से डेब्यू कर हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे। जिस तरह के हमारे पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं, उसके बाद ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम सही काम करें। हम सही उदाहरण पेश करें। ऐसा करने का मौका पाकर गर्व महसूस कर रहा हूं।”

भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने इसे एक ऐतिहासिक पल करार दिया। शास्त्री ने कहा कि उनकी टीम इस मैच के लिए तैयार है। बांग्लादेश टीम के कोच रसेल डोमिंगो (Russell Domingo) ने कहा कि पिंक बॉल क्रिकेट का हिस्सा बनकर काफी उत्साहित हूं। वहीं बांग्लादेश टीम के कप्तान मोमिनुल हक (Mominul Haque) ने कहा कि ये मैच सभी के लिए एक बड़ा मौका है।

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भारत और बांग्लादेश के खिलाड़ियों को पहली बार गुलाबी गेंद से टेस्ट खेलते देखने के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर समेत बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी स्टेडियम में मौजूद हैं।