विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने 15 साल बाद एडिलेड ओवल के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया टीम को हराया है। टीम इंडिया ने एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 31 रनों से जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। मैच के बाद कप्तान कोहली ने कहा कि एडिलेड टेस्ट में भारत बेहतर टीम थी और जीत की पूरी हकदार है।

पांचवें दिन के आखिरी सेशन में जब नाथन लियोन और जोश हेजलवुड चौके लगा रहे थे तो भारतीय खिलाड़ी थोड़े परेशान दिख रहे थे। उस स्थिति के बारे में कोहली ने कहा, “शांत रहना बेहद जरूरी था। जब हमने कमिंस को आउट किया था तब ही हालात हमारे पक्ष में आ गए थे। मैं ये नहीं कहूंगा कि मैं बिल्कुल शांत था, लेकिन आप कोशिश करते हैं कि अपनी भावनाएं ना दिखाएं। बात केवल एक अच्छी गेंद और एक विकेट की थी।”

भारत एडिलेड में तीन तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ खेल रहा था। कई मौकों पर टीम को दूसरे स्पिनर की कमी खली जिसके लिए मुरली विजय को अटैक में लगाना पड़ा। ये दांव उतना सफल नहीं रहा लेकिन आखिरकार जीत भारत को मिली। कप्तान ने इसका श्रेय गेंदबाजों को ही दिया। उन्होंने कहा, “मुझे बेहद गर्व है कि केवल चार गेंदबाजों ने मिलकर 20 विकेट निकाले और टेस्ट मैच जिताया।”

मैच में, खासकर कि पहली पारी में भारत की बल्लेबाजी खास नहीं थी लेकिन चेतेश्वर पुजारा की 123 रनों की पारी ने भारत को बढ़त दिलाई। कोहली ने पुजारा की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “अब सीरीज में बल्लेबाजों को आगे बढ़कर अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। पुजारा और रहाणे इस मैच में अलग ही नजर आए। मेरा मानना है कि हम बेहतर टीम थे और जीत के हकदार हैं। जब पुजारा और रहाणे साथ बल्लेबाजी कर रहे थे, तो वो ही हमारी सबसे मजबूत जोड़ी थे।”

कप्तान ने विपक्षी टीम की प्रतिद्वंदिता की सराहना की। कोहली ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया से आगे निकलने के लिए काफी दृढ़ निश्चय दिखाना पड़ा। मुझे लगता है कि हमारे शीर्ष और निचला क्रम और बेहतर कर सकता था। पर्थ में हम इन चीजों को दिमाग में रखेंगे। लेकिन अगर आप पहले मैच के बाद मुझे 1-0 देंगे तो मैं स्वीकार करूंगा।”