Virat Kohli: We were totally convinced that this was our best combination
Virat Kohli (AFP)

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद भी पर्थ टेस्ट में चुनी प्लेइंग इलेवन का पूरा बचाव किया है। दरअसल पर्थ टेस्ट में 146 रनों से मिली हार के बाद रविंद्र जडेजा को ना खिलाए जाने पर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन था कि ये उनका बेस्ट कॉम्बिनेशन है।

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कोहली ने कहा, “जब आप एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को खिलाते हैं तो हमे पता है कि अश्विन और जडेजा ज्यादा बेहतर बल्लेबाजी करते हैं। ये एक बहुत कठिन फैसला होता है कि आप किस तरह का गेंदबाजी विकल्प चाहते हैं या आप ये सोचते हैं कि वो खिलाड़ी बल्ले के साथ भी योगदान दे सकता है या नहीं। इसलिए आखिर में हमने एक फैसला लिया और उसका समर्थन किया और इसी के साथ आगे बढ़े। वो फैसला सही साबित हुआ या नहीं वो अलग बात है। लेकिन हमे पूरा यकीन था कि ये हमारा सर्वश्रेष्ठ कॉम्बिनेशन है और बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। एक क्रिकेट मैच के दौरान कई चीजें हो सकती है, लेकिन उससे पहले आपको स्पष्ट करना होगा कि आप बतौर टीम क्या करना चाहते हैं और हम पूरी तरह से स्पष्ट थे कि ये वो संयोजन था जिसके साथ हम जाना चाहते थे।”

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कोहली ने पर्थ की प्लेइंग इलेवन को बेस्ट कॉम्बिनेशन जरूर बताया लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अगर रविचंद्रन अश्विन फिट होते तो उन्हें जरूर खिलाया जाता। कोहली ने कहा, “हां, अगर अश्विन फिट होता तो सोचा जा सकता था। अगर आप देखें तो रफ से ज्यादा मदद मिली नहीं। ये नाथन लियोन की गेंद की गति थी, जिसपर उसे विकेट मिले। एक टीम के तौर पर हम ऐसा नहीं सोचना चाहते हैं कि इस पिच पर हमे एक स्पिनर चाहिए ही, खासकर पहले दिन पिच को देखे के बाद और जिस तरह से पहले तीन दिन गए, ये बिल्कुल उसी तरह के रहे। हमे लगा कि तेज गेंदबाज इस पिच पर ज्यादा कारगर साबित होंदे और टीम को ज्यादा मदद करेंगे।”

भुवनेश्वर कुमार पर उमेश यादव को प्रायिकता देने की वजह

उमेश यादव की जगह भुवनेश्वर कुमार को खिलाने पर कोहली ने कहा, “भुवने ने हाल फिलहाल में चार-दिवसीय क्रिकेट नहीं खेला है और उमेश ने जो आखिरी टेस्ट खेला था उसमें उसने 10 विकेट लिए थे और वो सही लय में गेंदबाजी कर रहा था। यही कारण था कि भुवी के आगे उमेश को चुना गया।”