Virat Kohli: Will have to be aware of bad habits that might creep in during IPL
Virat Kohli (AFP Image)

भारतीय कप्तान विराट कोहली को डर है कि विश्व कप से पहले इंडियन प्रीमियर लीग टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ी वनडे फॉर्मेट के सेट-अप से भटक जाएंगे। कोहली ने कहा कि खिलाड़ी विश्व कप से पहले वनडे के सांचे में ढले रहें और आईपीएल के दौरान बुरी आदतों से बचें।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वाईजैग में होने वाले टी20 मैच से पहले कोहली ने कहा, “जो भी खिलाड़ी विश्व कप स्क्वाड का हिस्सा बनने वाले हैं, वो इस बात का ध्यान रखें कि उनका खेल वनडे के सांचे से ज्यादा ना भटके। इसका मतलब ये है कि उन्हें आईपीएल के दौरान बुरी आदतों से बचना होगा।”

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कोहली ने आगे कहा, “निजी तौर पर, मैं उसी तरह से खेलना जारी रखना चाहूंगा, जैसा कि मैंने पिछले कुछ सालों में सभी फॉर्मेट में खेला है कुछ नया नहीं करूंगा है क्योंकि जैसा कि मैंने कहा, विश्व कप में मानसिकता सबसे महत्वपूर्ण चीज है। हमें ऐसे 15 लोगों की जरूरत है जो आत्मविश्वास से भरे और अपने खेल को लेकर मानसिक तौर पर खुश हैं। आईपीएल के दौरान इसे बनाए रखने के लिए सभी को मेहनत करनी होगी। जिस पल हम नेट में उतरकर बुरी आदत लगाएंगे और अपना मूमेंटम खो देंगे, आप बल्लेबाजी भी फॉर्म खो देंगे। विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में फॉर्म में वापस आना कठिन है। तो इस नजरिए से सभी को अपनी मानसिकता को बचाना होगा और टीम की जरूरत के साथ जुड़े रहना होगा।”

फॉर्म में हैं तो नेट सेशन की जरूरत नहीं

कोहली भी जानते हैं कि आईपीएल टूर्नामेंट की कड़ी प्रतिद्वंदिता और बिजी शेड्यूल के बीच ऐसा कर पाना कितना मुश्किल है। इस बारे में भारतीय कप्तान ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो आईपीएल के दौरान आप जितना अभ्यास करते हैं, सफर करते हैं और अलग हालातों में, अलग मौसमों में मैच खेलते हैं, ये काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। लेकिन बतौर क्रिकेटर आपको मैप करना होगा कि कितने अभ्यास सेशन की आपको जरूरत ही। अगर आप गेंद को अच्छे से हिट कर रहे हैं तो अभ्यास सेशन में जाकर तीन घंटों के लिए अपने आपको थकाने की जरूरत नहीं है, जबकि आप उसी समय का इस्तेमाल आराम और रिकवरी के लिए कर सकते हैं।”

आईपीएल के दौरान 2-3 मैच छोड़ने में कोई बुराई नहीं

भारतीय कप्तान ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि इन सभी चीजों को दिमाग में रखने की जरूरत है। अगर आपकी टीम टूर्नामेंट में अच्छी स्थिति में है, तो आपको 2 या 3 मैच छोड़ने में कोई बुराई नहीं है। ये सब केवल इस बात पर निर्भर करता है कि आपका शरीर कैसा महसूस कर रहा है लेकिन सभी को इसे लेकर पूरी तरह से ईमानदार होना होगा। उसके हिसाब से देखना होगा कि वो कैसा महसूस करते हैं और खुद को उतना पुश नहीं करना है जो कि बाद में टीम इंडिया को नुकसान पहुंचाए। सभी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।”