पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर इयान चैपल (Ian Chappel) का मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज में कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) की गैरमौजूगी से टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम कमजोर होगा लेकिन ये युवा खिलाड़ियों को अपनी काबिलियित दिखाने का मौका भी देगा।

कोहली एडीलेड में 17 से 21 दिसंबर तक खेले जाने वाले पहले टेस्ट के बाद अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए भारत लौट जायेंगे। चैपल को लगता है कि युवा भारतीय बल्लेबाजों के लिए अपना कौशल दिखाने का ये बेहतरीन मौका होगा।

चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट कॉम’ में अपने कॉलम में लिखा, ‘‘ये (कोहली का ना होना) भारतीय बल्लेबाजी क्रम में काफी बड़ी कमी ला देगा और साथ ही ये उनके प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक के लिए खुद के कौशल को दिखाने का मौका देगा।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि दोनों ही टीमें मजबूत हैं लेकिन जो टीम सही प्लेइंग इलेवन कर पाएगी वो विजेता होगी। उन्होंने कहा, “अभी तक रोमांचक भिड़ंत का आकार ले रहे मुकाबले में अब एक और मोड़ आ गया है और वो है अहम चयन फैसले। नतीजे का स्तर नीचे भी आ सकता है जो निर्भर करेगा कि कौन सबसे निर्भिक चयनकर्ता है।’’

चैपल ने कोच जस्टिन लैंगर (Justin Langer) के जो बर्न्स को विल पुकोवस्की (Will Pucovski) पर तरजीह देने के फैसले का समर्थन नहीं किया है। चैपल ने कहा कि चयन हमेशा मौजूदा फार्म के आधार पर होना चाहिए, जो कि शेफील्ड शील्ड में दो दोहरे शतक जड़ने वाले पुकोवस्की के पक्ष में है।

उन्होंने कहा, ‘‘डेविड वार्नर के साथ सलामी जोड़ीदार के लिए मैं जो बर्न्स और उभरते हुए स्टार विल पुकोवस्की के बीच में से ऑस्ट्रेलियाई कोच की पसंद को लेकर परेशान था। आपको पार्टनरशिप की अहमियत को लेकर अधिक अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।”

पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “बर्न्स ने पिछले कुछ मैचों में 32 के औसत के साथ दो अर्धशतकों से साथ कुल 256 रन बनाए थे। ये टेस्ट खिलाड़ी के लिये औसत से निचला प्रदर्शन है। वहीं पुकोवस्की ने शील्ड स्तर पर छह शतक लगाए जिसमें से तीन दोहरे शतक थे और इसमें से दो दोहरे शतक इस सीजन में लगे।’’