Virat told me that playing 50 matches doesn’t mean yo are experienced: Rishabh Pant
Rishabh Pant @ ians

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा विकेटकीपर रिषभ पंत ने पिछले दिनों अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले पंत अब ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए तैयार हैं। उनका कहना है वह किसी से प्रतियोगिता करने नहीं आए हैं बल्कि यह तो उनके सीखने का वक्त है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए पंत ने बताया कि उनके लिए टेस्ट मैच खेलना कितना महत्वपूर्ण था। ”मेरे बचपन के कोच तारक सिन्हा का कहना था जब तक टेस्ट मैच नहीं खेला तब तक तुमको इंटरनेशनल प्लेयर नहीं मानूंगा।
इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में लगाए पहले शतक के बारे में पंत ने बताया, इंग्लैंड में उनकी जैसी गेंदबाजी अटैक के सामने यह करना मेरे लिए वाकई बहुत महत्वपूर्ण था।”

आक्रमक बल्लेबाजी शैली पर पंत का कहना था, ”अगर लोग मुझपर टैग लगाते हैं इसका मतलब नहीं कि मुझे खुदको बदलना होगा। मैं अपनी तरह से सुधार करता रहता हूं और सिर्फ उसपर ही ध्यान देता हूं। टीम में कोई जगह नहीं थी और जब जगह बनीं तो मुझे सब इतना तय करना था कि मेरा प्रदर्शन अच्छा रहे।”

टेस्ट में ऋद्धिमान साहा को चोटिल होने पर पंत को मौका मिला जबकि हाल ही में टी20 में महेंद्र सिंह धोनी की जगह पंत को टीम में शामिल किए जाने की बात पर काफी चर्चा हुई। पंत का कहना था, ”मैं यहां किसी से प्रतिस्पर्धा करने नहीं आया हूं, मेरे लिए यह सीखने का वक्त है। मैं माही भाई के पास जाता रहता हूं और उनसे चीजों को सीखता हूं।”

कप्तान कोहली के बारे में पंत ने कहा, ”कोहली भैय्या ने मुझे कहा 50 मैच खेलन का मतलब नहीं कि आप अनुभवी हो गए। चार पांच मैच खेलने वाली खिलाड़ी भी उतना ही अनुभवी है अगर वह दूसरी की गलतियों से सीख लेता है।”