Virender Sehwag breaks his silence over ex chief selector Sandeep Patil policy when asked about MS Dhoni’s retirement plan
Sandeep Patil, virender sehwag @ AFP

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी को इस बात का पूरा अधिकार है कि वह संन्यास कब लें। उन्होंने साथ ही चयनकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वह पूर्व कप्तान को अपनी रणनीति के बारे में बता दें। चूंकि अब विश्व कप खत्म हो चुका है, धोनी के संन्यास की खबरें दोबारा पैर जमाने लगी हैं। एक टीवी चैनल पर धोनी की रिटायरमेंट पर चर्चा के दौरान सहवाग ने अपने समय में मुख्‍य चयनकर्ता रहे संदीप पाटिल को उनकी गलती याद दिलाई।

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इंग्लैंड एंड वेल्स में हाल ही में खत्म हुए विश्व कप में धोनी की धीमी बल्लेबाजी सवालों के घेरे में थी। अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्स नाओ पर पैनल चर्चा में सहवाग ने कहा, “यह धोनी पर छोड़ देना चाहिए कि वह संन्यास कब लेंगे। चयनकर्ताओं का काम यह है कि वह धोनी से बात करें और उन्हें बताएं कि वह अब धोनी को आगे मौके नहीं दे सकते।”

सहवाग ने साथ ही कि कहा कि काश उनके समय में चयनकर्ता उनसे भी अपनी रणनीति साझा करते। सहवाग ने कहा, “काश चयनकर्ताओं ने मुझ से भी मेरी रणनीति के बारे में पूछा होता तो मैं भी उन्हें बता पाता।”

सहवाग ने जब संन्यास लिया तब चयनसमिति के अध्यक्ष संदीप पाटिल थे। पाटिल भी इस पैनल में मौजूद थे। पाटिल ने कहा, “सचिन तेंदुलकर से उनके भविष्य पर बात करने की जिम्मेदारी मुझे और राजिंदर सिंह हंस को सौंपी गई थी और सहवाग से बात करने की जिम्मेदार विक्रम राठौर को सौंपी गई थी। हमने विक्रम से पूछा था तो उन्होंने कहा था कि उनकी सहवाग से बात हो गई लेकिन अगर सहवाग कह रहे हैं तो मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।”

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सहवाग ने इसके जवाब में कहा, “विक्रम ने मुझसे बात जरूर की थी लेकिन तब जब मैं टीम से बाहर हो चुका था। टीम से हटाए जाने से पहले अगर वो मुझसे बात करते तो इसका मतलब होता। खिलाड़ी को बाहर करने के बाद उससे बात करने का कोई मतलब नहीं है। अगर प्रसाद इस समय धोनी को बाहर कर दें और फिर उनसे बात करेंगे तो धोनी क्या कहेंगे, यही कि वह घरेलू क्रिकेट खेलेंगे और अगर वहां अच्छा कर पाए तो फिर उन्हें टीम में चुन लेना चाहिए। बात यह है कि चयनकर्ताओं को खिलाड़ी से बात तब करनी चाहिए जब वह टीम से हटाया गया नहीं हो।”