वीरेंदर सहवाग  © IANS
वीरेंदर सहवाग © IANS

वीरेंदर सहवाग ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर से जुड़े मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सहवाग को गुरमेहर के वीडियो की कुछ बातों पर मजाकिया ट्वीट करने के लिए सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया। सहवाग हमेशा ही अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए मजाकिया ट्वीट्स करते रहते हैं लेकिन इस बार वह बुरे फंस गए। हालांकि उन्होंने यह साफ जाहिर किया कि उनके ट्वीट का गलत मतलब निकाला जा रहा है। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि उनके पहले ट्वीट की मकसद किसी के विचार का मजाक उड़ाना नहीं था बल्कि वह तो केवल मसखरी कर रहे थे। सहवाग ने यह भी कहा कि गुरमेहर को अपने विचार रखने का पूरा हक है और दूसरे लोगों को भी उन्हें बिना डराए धमकाए अपनी प्रतिक्रिया देने का हक है।

सहवाग ने इंडिया टूडे से बात करते हुए कहा, “मेरा ट्वीट गुरमेहर के लिए नहीं था। यह केवल हंसी मजाक के लिए था लेकिन लोगों ने इसका गलत मतलब निकाल लिया।” यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा से जुड़ा छात्र दल एबीवीपी दिल्ली के रामजस कॉलेज में पहुंचा और छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट करने लगा। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौन जिनके पिता भारतीय फौज में शहीद हो गए थे ने वीडियो पोस्ट कर इसके खिलाफ एक सोशल मीडिया प्रचार अभियान शुरू किया। सहवाग ने भी गुरमेहर के वीडियो की ही तरह एक फोटो ट्वीट की लेकिन यह सहवाग को भारी पड़ गया। इस तस्वीर के साथ सहवाग ने लिखा था कि, “बल्ले में दम है #भारतजैसादेशनहीं” [ये भी पढ़ें: परवेज रसूल ने राष्ट्रगान विवाद पर अपना पक्ष रखा]

इसी बीच कांग्रेस के एमपी शशी थरूर ने भी सहवाग के ट्वीट पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सहवाग के इस कदम को युद्ध जैसे बड़े मुद्दे को महत्वहीन बना देने वाला बताया। उन्होंने कहा, “मुझे दुख है कि मेरे नायक वीरेंदर सहवाग ने अपने ट्वीट के जरिए इस राजनीतिक मामले में दखल देने की कोशिश की।”