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वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली पिछले दिनों का एक विवाद का हिस्सा बनते हुए नजर आए थे जब सहवाग ने कहा था कि वह टीम इंडिया के कोच नहीं बन पाए क्योंकि उनकी सेटिंग नहीं थी। गांगुली क्रिकेट एडवाइरी कमिटी के सदस्य हैं उन्होंने टीम इंडिया के कोच पद के लिए रवि शास्त्री को चुना है। ऐसे में न चाहते हुए भी सहवाग ने गांगुली के निर्णय पर सवाल उठा दिया। इस बयान के बाद सहवाग और गांगुली कोलकाता वनडे के दौरान कॉमेंट्री बाक्स में एक-दूसरे से मिले। इस दौरान सहवाग ने इस बात को फौरन स्वीकार कर लिया कि उन्होंने यह बयान मजाक में दिया था।

सहवाग के बयान के बाद सुनने को मिला था कि गांगुली ने उनके बान को बकवास करार दिया था। कॉमेंट्री बॉक्स में गांगुली ने इस बयान पर सफाई दी। इस दौरान इन दोनों के साथ कॉमेंट्री बॉक्स में वीवीएस लक्ष्मण भी थे। गांगुली ने कहा, “मैं जो बोलने जा रहा हूं हो सकता है कि कल वो अखबारों की हेडलाइंस बन जाए, सब लोग ये सुन रहे हैं, यह बात तुम ध्यान रखना। सहवाग बोर हो रहे थे, इसीलिए सुर्खियों में आने के लिए ये बयान दे दिया कि मेरी भी सेटिंग होती तो मैं टीम इंडिया का कोच बन जाता।”

इस पर सहवाग ने कहा, “दादा मैंने तो यह बयान मजाक में दिया था, लेकिन लोगों ने इसे गंभीरता से ले लिया।” सहवाग ने आगे कहा, “दादा (गांगुली), मेरे इस बयान को तो मीडिया सुर्खियों में जरूर लाया लेकिन इसके बाद के बयान और ट्‍वीट पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मैंने बाद में यह भी कहा था कि जब कप्तान मैच के 11 खिलाड़ी चुनता है तो वे सर्वश्रेष्ठ रहते हैं। समिति ने सोच-समझकर ही टीम इंडिया का बेस्ट कोच चुना होगा” [ये भी पढ़ें: रुमाल ने रोका विराट कोहली का ‘शतकीय’ कमाल?]

वीरेंद्र सहवाग को बेबाक रूप से अपनी बातों को रखने के लिए जाना जाता है। ऐसे में कई बार वह ऐसी भी बातें कर जाते हैं जो खासी ऊट-पटांग होती हैं। कॉमेंट्री के दौरान उन्होंने सुनील गावस्कर से ये तक पूछ लिया था कि आपने 60 ओवरों में 36 रन कैसे बनाए थे। गावस्कर इस सवाल को सुनने के बाद थोड़ी देर तक चुप रहे और फिर बात को बदलते हुए कहा कि चलो मैच के बारे में बातें करते हैं। जाहिर है कि कॉमेंट्री या सार्वजनिक जगहों पर बातचीत करते हुए एहतियात बरतने की जरूरत होती है लेकिन सहवाग तो किसी और धुन में रहते हैं।