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- Virender Sehwag: I was first to read Greg Chappell email against Sourav Ganguly
ग्रेग चैपल ने सौरव गांगुली के खिलाफ जहर उगलने वाला ई-मेल मेरे सामने लिखा: वीरेंद्र सहवाग
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच से पहले सहवाग ने एक कार्यक्रम के दौरान सौरव गांगुली- ग्रेग चैपल विवाद पर खुलकर रखी अपनी बात
Published On Apr 21, 2018, 05:27 PM IST
Last UpdatedApr 21, 2018, 05:27 PM IST
वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली। © AFP
भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले बंगाल टाइगर सौरव गांगुली के पूर्व कोच ग्रेग चैपल के साथ विवाद से तो सभी वाकिफ हैं। एक दशक से भी ज्यादा पुराने इस मामले में भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज और मौजूदा समय में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम के मेंटर वीरेंद्र सहवाग ने एक नया खुलासा किया है। सहवाग ने कहा, “साल 2005 में जिम्बाब्वे दौरे के दौरान ग्रेग चैपल का सौरव गांगुली के खिलाफ लिखा गया मेल सबसे पहले उन्होंने ही पढ़ा था।”
मौका था कोलकाता में बोरिया मजुमदार की किताब के विमोचन का, जहां वीरेंद्र सहवाग ने गांगुली चेपल विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। सहवाग ने कहा, ” ग्रेग चैपल बीसीसीआई को सौरव गांगुली के खिलाफ ई-मेल लिख रहे थे और मैं उनके बगल में ही बैठा हुआ था। मेरी नजर उनकी स्क्रीन पर पड़ी। मैंने पाया कि वो बीसीसीआई को कुछ लिख रहे हैं। मैंने तुरंत इसकी जानकारी जाकर दादा को भी दी थी।”ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी रहे ग्रेग चैपल को बीसीसीआई ने भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया था। उनके रिश्ते शुरू से ही कप्तान सौरव गांगुली के साथ बेहद खराब रहे।
वीरेंद्र सहवाग ने कहा, ” सौरव गांगुली ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी करने का मौका दिया। मैं टेस्ट क्रिकेट में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करना चाहता था। मैंने उनसे कहा, सलामी बल्लेबाजी के लिए सचिन तेंदुलकर और आप अच्छा कर रहे हैं। इसपर मुझे गांगुली और कोच जॉन राइट ने कहा अगर तुम मध्यक्रम में ही खेलना चाहते हो तो तुम्हें बाहर बैठना पड़ेगा क्योंकि मौजूदा समय में मध्यक्रम में कोई जगह उपलब्ध नहीं है।”
सहवाग से उनके सबसे यादगार पल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि साल 2001 में मैंने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था। मैंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 105 रनों की पारी खेली। मैं शुरुआत में केवल वनडे क्रिकेट खेलता था। उस वक्त लोग कहते थे कि मैं टेस्ट के लायक नहीं हू। जब मैंने टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक लगाया तो मैंने तुरंत सौरव गांगुली को जाकर गले लगाया क्योंकि उन्होंने ही मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलने के लायक समझा।