Virender Sehwag regrets not being part of Delhi’s Ranji Trophy winning team
वीरेंदर सहवाग © Getty Images

भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग को इस बात का मलाल है कि वह दिल्ली की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा नहीं बन पाए। दिल्ली ने 2007-08 रणजी सीजन में गौतम गंभीर की कप्तानी में खिताब जीता था। इस दौरान सहवाग राष्ट्रीय टीम के साथ व्यस्त थे। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के दो नंबर गेट का नाम सहवाग के नाम पर रखा है। इस मौके पर सहवाग ने कहा कि उन्हें दिल्ली की रणजी विजेता टीम का हिस्सा न बन पाने का मलाल है।

भारत के लिए टेस्ट में पहली बार 300 रनों का आंकड़ा छूने वाले सहवाग ने कहा, “एक ही पल है जिसका मुझे मलाल है। मैं उस दिल्ली टीम का हिस्सा नहीं था जो रणजी ट्रॉफी विजेता बनी। मैं उस समय देश के लिए खेल रहा था, लेकिन मैं हर दिन की रिपोर्ट ले रहा था। उस जीत का श्रेय जाता है गौतम गंभीर को, जिन्होंने दिल्ली की कप्तानी की और फाइनल जिताया। प्रदीप सांगवान ने उस मैच में शानदार प्रदर्शन किया था। हमने जो सपना देखा तो वो गंभीर की कप्तानी में पूरा हुआ।”

फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के वीरेंद्र सहवाग गेट पर बड़ी 'चूक'
फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के वीरेंद्र सहवाग गेट पर बड़ी 'चूक'

दिल्ली ने 2007-08 में 17 साल बाद रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। दिल्ली ने उस साल फाइनल में उत्तर प्रदेश को मात देते हुए यह खिताब जीता था। जिस स्टेडियम के गेट का नाम सहवाग के नाम पर रखा गया है, उस स्टेडियम में बिताए गए यादगार पलों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “बहुत यादें हैं। हम लोगों ने यहां अंडर-19 के बहुत सारे मैच खेले हैं। उनमें से एक मैच था दिल्ली-गुजरात का, जिसमें हमें क्वालीफाई करने के लिए खेलना था। उस मैच में आशीष नेहरा और अमित भंडारी ने शानदार प्रदर्शन किया था। वो मैच में कभी नहीं भूल सकता। हालांकि उस मैच में मैंने शायद 60 रन ही बनाए थे, लेकिन हम नॉकआउट में पहली बार पहुंचे थे।” इस स्टेडियम में बुधवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा।