जब टीम इंडिया के बस ड्राइवर बन गए थे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा में धोनी से जुड़े मजेदार किस्सा का खुलासा किया।

Edited By : Cricket Country Staff |Nov 19, 2018, 02:19 PM IST

Published On Nov 19, 2018, 02:19 PM IST

Last UpdatedNov 19, 2018, 02:19 PM IST

VVS laxman, MS Dhoni © AFP

भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी अपने शांत स्वभाव के लिए विश्व क्रिकेट में मशहूर हैं। धोनी की कप्तानी में खेल चुके सीनियर और जूनियर सभी खिलाड़ी उनकी नेतृत्व क्षमता और दबाव में भी शांत रहने की काबिलियत की तारीफ करते हैं। हाल ही में दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा ‘281 एंड बियॉन्ड’ में धोनी से जुड़े ऐसे ही एक किस्से के बारे में लिखा।

लक्ष्मण ने लिखा, “मेरे सबसे यादगार पलों में मेरे 100वें टेस्ट के दौरान एमएस का नागपुर में टीम बस चलाकर हमे होटल ले जाना शामिल है। मुझे अपनी आंखो पर भरोसा नहीं हो रहा था, टीम का कप्तान बस चलाकर हमे मैदान से वापस ले जा रहा है। अनिल कुंबल के संन्यास लेने के बाद ये बतौर कप्तान धोनी का ये पहला टेस्ट मैच था और उसे दुनिया की नहीं पड़ी थी। लेकिन वो ऐसा ही था, शरारती और जमीन से जुड़ा। एमएस कभी अपनी ये खुशी और शरारत नहीं छोड़ी। मैं उसके जैसे किसी शख्स से कभी नहीं मिला।”

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धोनी के ‘दुनिया से अलग’ स्वभाव के बारे में लक्ष्मण ने आगे लिखा, “एमएस धोनी का शांत और समान स्वभाव सबसे अलग है। उन्होंने 2011 में इंग्लैंड के दौरे तक सिर्फ और सिर्फ सफलता देखी थी। इंग्लैंड में हम 4-0 से हारे था और उस साल के आखिर तक हम ऑस्ट्रेलिया में पहले तीन टेस्ट हार चुके थे, और एक और वाइटवॉश की तरफ बढ़ रहे थे। मैं बेहद परेशान था, जैसा कि बाकी सभी लोग थे, लेकिन एमएस अविश्वसनीय रूप से शांत था। एक बार भी वो आपे से बाहर नहीं हुआ, और किसी भी स्तर पर उसने ये नहीं दिखाया कि वो निराश या असहाय था।”

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