भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी की गिनती विस्फोटक बल्लेबाजों में होती है. दोनों ही अपनी-अपनी टीमों के लिए मैच विनिंग खिलाड़ी माने जाते थे. कई बार दोनों ने अकेले अपने दम पर अपनी टीम को जीत दिलाई. ‘मुल्तान के सुल्तान’ के नाम से मशहूर सहवागटेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय हैं वहीं आफरीदी के वनडे में 37 गेंदों पर खेली गई वर्ल्ड रिकॉर्ड शतकीय पारी आज भी क्रिकेट फैंस के जेहन में ताजा है.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम का कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी की परिभाषा वीरेंद्र सहवाग ने नहीं बल्कि शाहिद आफरीदी ने बदली थी. अकरम ने यूट्यूब चैट शो पर आफरीदी से बात करते हुए कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट में सहवाग बाद में आए इससे पहले 1999-2000 में शाहिद अफरीदी ने सलामी बल्लेबाजी की मानसिकता को बदल दिया था. अगर मैं उनके सामने होता तो मुझे पता होता कि मैं उन्हें आउट कर लूंगा लेकिन मुझे यह भी पता होता कि मुझे बाउंड्रीज पड़ेंगी. वे कमजोर गेंदों को छक्के के लिए बाउंड्री की पार भेजते थे.’

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अकरम ने बताया कि आफरीदी 1999-2000 में भारत का दौरा करने वाली पाकिस्तान टीम का हिस्सा नहीं होने वाले थे. बकौल अकरम, ‘मैंने इमरान खान को फोन किया और कहा कि कप्तान मैं आफरीदी को भारत के दौरे पर ले जाना चाहता हूं लेकिन कुछ चयनकर्ता इसके लिए राजी नहीं हैं. उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हें इसे पक्के तौर पर ले जाना चाहिए वो एक-दो टेस्ट मैच जिता देगा और उससे ओपनिंग कराना.’

आफरीदी ने उस दौरे पर चेन्नई टेस्ट में करियर का पहला शतक जड़ा. उनकी शतकीय पारी के दम पर पाकिस्तान की टीम सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल करने में सफल रही थी. बाद में मेहमान टीम ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया था.

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आफरीदी ने अपने क्रिकेट करियर में कुल 27 टेस्ट मैच खेले जिसमें उनके नाम 5 शतक है. वहीं सहवाग ने 104 टेस्ट मैचों में 23 शतक और 2 तिहरे शतक लगाए हैं.