Wasim Jaffer says If I feel I am becoming a burden, I will quit
Wasim Jaffer (File Photo) @ PTI

भारतीय टेस्‍ट टीम के सदस्‍य रह चुके वसीम जाफर ने रणजी ट्रॉफी 2018-19 के तीसरे राउंड के दौरान बुधवार को इस टूर्नामेंट में अपने 11 हजार रन पूरे किए। उन्‍होंने बड़ौदा के खिलाफ 153 रन की पारी खेली। इस पारी की मदद से विदर्भ की तरफ से खेलने वाले जाफर रणजी ट्रॉफी क्रिकेट के इतिहास में 11 हजार रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

वसीम जाफर की उम्र 40 साल है, लेकिन इसके बावजूद भी उनका बल्‍ला लगातार रन बरसा रहा है। जाफर ने इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा, “मैं अपने खेल को काफी इंज्‍वाय कर रहा हूं। अभी रिटायरमेंट का कोई प्‍लान नहीं है। मुझे 9 से 5 बजे तक एक ऑफिस में बैठना होगा या फिर कोचिंग करनी होगी। आगे आने वाले इस बदलाव से मुझे थोड़ा डर लगता है। ये बड़े कदम हैं जो मुझे अपने जीवन के लिए आगे लेने हैं। मैं इनके बारे में सोचता हूं। ये मेरे लिए नई फील्‍ड होगी।”

जाफर ने कहा, “20 से 25 साल तक क्रिकेट खेलने के बाद आपको नई फील्‍ड में प्रवेश करना ही होता है। जो भी खिलाड़ी बहुत लंबे समय तक क्रिकेट खेलता है उसके मन में इस तरह का डर रहता ही है। मेरे मन में भी क्रिकेट को छोड़ने का डर रहता है। अगर मैं ऐसा महसूस करने लगूंगा तो मैं टीम के लिए बोझ बन जाउंगा। अगर मुझे लगेगा कि मैं बोझ बन रहा हूं तो मैं अपना बैग पैक कर चला जाउंगा।”

वसीम जाफर ने कहा, “कभी-कभी ऐसा होता है कि आप खुद भी बोर होने लगते हो। मैं दो घरेलू सीजन चोट के चलते नहीं खेल पाया था। मैं अभी ये क्रिकेट नहीं छोड़ने वाला हूं।” जाफर ने कहा, “पिछले सीजन के दौरान विदर्भ की टीम रणजी ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी जीतने में सफल रही थी। ये मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। पैसा जरूरी है, लेकिन वो मेरे लिए सबकुछ नहीं है। मैं बाद में मुंबई में क्‍लब क्रिकेट खेलना चाहूंगा क्‍योंकि इसमें असली मजा है।”