IND vs AUS: गेंद से कमाल करने के बाद अश्विन को क्यों आई बांग्लादेश की याद

IND vs AUS: गेंद से कमाल करने के बाद अश्विन को क्यों आई बांग्लादेश की याद

चौथे और निर्णायक टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद अश्विन (91 रन देकर छह विकेट) ने कहा, ‘‘तीन विकेट चटकाने के बजाय आप अब काफी बेहतर महसूस करते हुए बिस्तर में जा सकते हो.’’

Updated: March 11, 2023 9:07 AM IST | Edited By: Vanson Soral
अहमदाबाद। बांग्लादेश के निराशाजनक दौरे के बाद अपनी तकनीक में थोड़ा बदलाव करना भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के लिये कारगर रहा है और शुक्रवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सात विकेट झटकने के बाद वह निश्चित रूप से काफी बेहतर महसूस कर रहे होंगे क्योंकि पूरी सीरीज के दौरान उनके स्पैल में काफी पैनापन दिखायी दिया.

चौथे और निर्णायक टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद अश्विन (91 रन देकर छह विकेट) ने कहा, ‘‘तीन विकेट चटकाने के बजाय आप अब काफी बेहतर महसूस करते हुए बिस्तर में जा सकते हो.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से अच्छा लगता है कि क्योंकि आपने काफी विकेट हासिल किये. मैं आज थोड़ा जल्दी सोने जाऊंगा और मैं थोड़ा खुश भी हूं.’’ अश्विन ने अभी तक सीरीज में 24 विकेट झटक लिये हैं जबकि एक पारी अभी बची है लेकिन 47.2 ओवर में छह विकेट चटकाना निश्चित रूप से सपाट पिच पर उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में शामिल रहेगा.

32वीं बार पांच विकेट का कारनामा करने वाले अश्विन ने कहा, ‘‘हमने विकेट के अच्छा होने की उम्मीद की थी लेकिन इतना धीमा नहीं जैसा कि यह था. इसलिये उम्मीद करते हैं कि जैसे जैसे खेल आगे बढ़े, इस पर बल्लेबाजी करना मुश्किल होता जाये.’’

उन्होंने दूसरे दिन 34 रन देकर पांच विकेट चटका लिये थे तो उनके लिये क्या चीज कारगर रही, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी स्पैल दूसरे स्पैल से बेहतर नहीं है. और इस विशेष सीरीज में विभिन्न चरणों में महसूस हुआ कि संख्या भले ही आपको पांच या छह विकेट नहीं दे रही हो लेकिन गेंद खूबसूरती से आ रही थी.’’

फिर उन्होंने तकनीकी पहलू पर बात करते हुए कहा, ‘‘जो भी बदलाव मैंने अपनी गेंदबाजी में किये हैं, जिसमें कलाई की स्थिति में बदलाव करना, गेंद फेंकने के लिये तैयारी करना ये सभी चीजें शामिल हैं. इनसे यह फर्क पड़ा है कि मेरे स्पैल काफी ज्यादा पैने हो गये हैं. शायद बांग्लादेश में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं कर पाया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि मैंने जो कुछ बदलाव किये हैं, उससे सुनिश्चित हुआ है कि मुझे पिच से मदद मिले.’’ सपाट पिच पर उन्हें अपना काम आसान करने के लिए कुछ निश्चित ‘वैरिएशन’ लाने पड़े जो स्पैल के दौरान उन्होंने गेंद फेंकने की तैयारी और कलाई की स्थिति में करके किये. उन्होंने स्वीकार किया, ‘‘पिच से मुझे ज्यादा मदद नहीं मिली इसलिये मुझे ‘सीम’, ‘ड्रिफ्ट’ और जो भी कर सकता था, उसका इस्तेमाल किया. ’’

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