- क्रिकेट न्यूज़
- News
- watch how ishan kishan and rohit sharma outsmarted ms dhoni plan
महेंद्र सिंह धोनी की 'चतुराई' पर भारी पड़ी 'शार्गिद' ईशान की समझदारी- देखें वीडियो
महेंद्र सिंह धोनी की योजना तो बहुत अच्छी थी लेकिन रोहित की प्लानिंग और ईशान किशन की समझदारी ने उसे पूरा नहीं होने दिया।
Published On May 13, 2022, 09:17 AM IST
Last UpdatedMay 13, 2022, 09:17 AM IST
चेन्नई सुपर किंग्स की पारी मुश्किल में थी। बहुत मुश्किल में। टीम के नौ खिलाडी़ डग आउट में बैठे थे। वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 16वें ओवर की आखिरी गेंद थी। टीम की उम्मीदें उनके संकटमोचक कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर टिकी थीं। स्कोर भी कुछ खास नहीं था और यहां हार का मतलब था कि प्लेऑफ में पहुंचने की रही-सही उम्मीदें भी समाप्त हो जाएंगी। धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे और दूसरे छोर पर थे मुकेश चौधरी। धोनी को मालूम था कि अगर चेन्नई को किसी चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचना है तो उन्हें ज्यादा से ज्यादा गेंद खेलनी होंगी। तभी कुछ स्कोर बनेगा। और इसके लिए उन्होंने पूरी कोशिश भी की। लेकिन, धोनी की इस चालाकी पर उन्हीं के शार्गिद ईशान किशन और मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा की समझदारी भारी पड़ गई।
राइली मेरेडिथ के ओवर की आखिरी गेंद थी। धोनी ने पिछली गेंद पर भी एक रन चुराना चाहा था लेकिन फील्ड ऊपर थी। रोहित को पता था कि धोनी क्या सोच रहे हैं। वह किसी भी सूरत में वह एक रन नहीं देना चाहते थे। आखिरी गेंद से पहले रोहित दौड़कर गेंदबाज के पास गए। उससे बात की। यानी रणनीति तैयार हो चुकी थी।
फैसला एक ही था- धोनी को एक रन नहीं देना है, चाहे चौका चला जाए। रोहित ने फील्ड भी इसी तरह से सजाई थी। खिलाड़ियों को ऊपर बुलाया गया। धोनी भी भांप गए थे कि अगर रन लेना है तो खतरा मोल लेना होगा। उन्होंने भी अपने साथी खिलाड़ी से बात की। संदेश साफ और सीधा। कुछ भी हो जाए, दौड़ना है।
और फिर शुरू होता है खेल। मेरेडिथ रन-अप पर दौड़ते हैं। धोनी तैयार और चौधरी चौकन्ने। मेरेडिथ परिस्थिति को भांपते हैं और एक शॉर्ट पिच गेंद फेंकते हैं। धोनी ने खेलने की कोशिश की। वह चूके। गेंद विकेटकीपर के दस्तानों में। लेकिन, जैसाकि पहले से तय लग रहा था, दोनों बल्लेबाज दौड़ पड़े। चौधरी ने पूरा जोर लगाया। लेकिन किशन ने सीधा थ्रो किया। गेंद विकेटों पर जाकर लगी। चौधरी क्रीज से काफी दूर थे। धोनी ने निराशा में सिर को झटका दिया। उनकी योजना अच्छी थी, लेकिन उस पर अमल भी हुआ लेकिन नतीजा अपने पक्ष में नहीं था। किशन ने दस्तानों के साथ ही गेंद को थ्रो किया। यह रिस्क था। लेकिन अंत में काम आया। चेन्नई की पूरी टीम सिर्फ 97 रन पर सिमट गई। धोनी 36 रन पर नाबाद लौटे।
माही दूसरे छोर पर विकेट गिरने का सिलसिला देखते रहे। इसके बाद चेन्नई के गेंदबाजों ने थोड़ा जोर दिखाया। चौधरी ने तीन विकेट लिए। लेकिन इस स्कोर को किसी चमत्कार से ही बचाया जा सकता था। और वह चमत्कार हुआ नहीं। आखिर मुंबई ने पांच विकेट से मैच जीता। तिलक वर्मा ने विजयी पारी खेली।
इस नतीजे के बाद चेन्नई प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है और मुंबई तो पहले से बाहर ही है। यानी 14 में से 9 ट्रॉफियां जीतने वाली टीमें इस बार खिताबी दौड़ से बाहर हैं।