We did not talk about the Adelaide Test as a team: Hanuma Vihari
हनुमा विहारी (AFP)

ऑस्ट्रेलिया दौरे से शानदार टेस्ट सीरीज जीत स्वदेश लौटी भारतीय टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) ने बताया कि एडिलेड टेस्ट में मिली करारी हार के बाद टीम इंडिया ने किस तरह से सीरीज में वापसी की थी। एडिलेड ग्राउंड में खेले गए सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम मात्र 36 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जिसके बाद मेहमान टीम ने 8 विकेट से मैच जीता था।

विहारी ने कहा कि टीम ने एडिलेड के बाद बाकी के मैचों में पहले टेस्ट मैच को लेकर बात ही नहीं की। ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में उन्होंने कहा, “एडिलेड टेस्ट के बाद, आप विश्वास नहीं करेंगे कि हमने एक टीम के तौर पर इस बारे में बात नहीं की। हमें ऐसा लगा कि ये पहले कभी नहीं हुआ। मुझे नहीं लगता कि ये दोबारा होगा।”

उन्होंने कहा, “इसलिए आगे बढ़िए और मेलबर्न से शुरू हो रहे बाकी के तीन मैचों के बारे में सोचिए। अगर आप इस तरह से देखते हैं तो हैं हमने सीरीज 2-0 से जीती। हमने सब कुछ मैदान पर छोड़ दिया और आगे बढ़ गए। ये इस भारतीय टीम का हॉलमार्क है। हम इसी तरह खेलते हैं।”

सिडनी टेस्ट में में विहारी ने मांसपेशियों के खिंचाव के बावजूद बल्लेबाजी करते हुए रविचंद्रन अश्विन के साथ मिलकर मैच को ड्रॉ कराया

था। विहारी ने 161 गेंदों पर नाबाद 23 रन बनाए थे। अश्विन ने उनका बेहतरीन साथ दिया था और शरीर पर कई गेंदें झेलने के बाद 128 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाए थे। विहारी और अश्विन के बीच 62 रनों की साझेदारी हुई थी। इससे पंत और पुजारा ने 148 रनों की साझेदारी की थी।

विहारी ने कहा, “अगर आप पहला सेशन देखेंगे और दूसरे सेशन का अधिकतर खेल देंखेंगे तो पता चलेगा कि हम जीत के लिए खेल रहे थे। जिस तरह से पंत और पुजारा खेले। ईमानदारी से कहूं तो जैसे वो दोनों आउट हुए, मुझे नहीं लगा कि हम मैच जीत सकते हैं। मेरी चोट से पहले भी अश्विन पीठ में चोट के कारण संघर्ष कर रहे थे। अगर जरूरत पड़ती तो जडेजा कुछ ओवर खेल सकते थे। ड्रॉ का इरादा तब आया जब हमें पता चला कि अश्विन दौड़ नहीं सकते हैं और फिर मुझे मांसपेशियों में खिंचाव आ गया। पांचवें दिन ऑस्ट्रेलियाई अटैक के सामने 43 ओवर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था।”

विहारी ने बताया कि उन्होंने और अश्विन ने एक-एक ओवर खेलने का फैसला किया था। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, “हमने हर ओवर में बात की थी कि हमें क्या करना है। इस रणनीति ने भी मदद की। हमें बाहर से मैसेज आए लेकिन हमने पहले ही फैसला कर लिया था कि वो नाथन लॉयन को खेलेंगे और मैं तेज गेंदबाजों को खेलूंगा। पहली बात तो ये थी कि वो लॉयन को अच्छा खेल रहे थे और दूसरी बात ये थी कि मैं स्पिनर के खिलाफ अपना पैर नहीं निकाल पा रहा था। ये अच्छे से हुआ। वो लॉयन का सामना आसानी से कर रहे थे और मैं तेज गेंदबाजों का सामना अच्छे से कर रहा था।”

विहारी ने बताया कि वो सिडनी टेस्ट के बाद काफी दर्द में थे और इसी कारण सो नहीं पाए थे। विहारी ने बताया, “मैं शायद ही सो पाया था। दर्द काफी हो रहा था। एक चीज दर्द थी और एक चीज खुशी। मैं मुझे इंटरनेट, मैसेज के माध्यम से मिले प्यार और सम्मान से बेहद खुश था। मुझे लगता है कि मैं एक घंटे सोया था और फिर सुबह छह बजे उठ गया था।”

सिडनी में हासिल किए गए ड्रॉ ने ब्रिस्बेन में मिली शानदार जीत के लिए माहौल बना दिया था। इन दोनों टेस्ट मैच से पहले भारत को सीरीज के पहले टेस्ट मैच में एडिलेड में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। टीम पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में महज 36 रनों पर ही ऑल आउट हो गई थी जो उसका टेस्ट की एक पारी में सबसे कम स्कोर है।