न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट ड्रॉ होने के बाद इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) ने कहा कि उनकी टीम ने जीत के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म सेट करने की कोशिश की थी लेकिन वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाए. रूट ने कहा कि एक ही दिन आक्रामक होकर खेलना आसान नहीं होता लेकिन यह पिच भी कुछ ट्रिकी थी.

न्यूजीलैंड ने मैच के 5वें और अंतिम दिन इंग्लैंड को जीत के लिए 273 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन इंग्लैंड की टीम दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट पर 170 रन ही बना सकी और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ.

रूट ने कहा, ‘हमने शुरुआत से प्लटफॉर्म बनाने की कोशिश की थी लेकिन ऐसा करने में सफल नहीं हो सके. एक ही दिन में आक्रामक होकर खेलना आसान नहीं होता लेकिन यह पिच भी ट्रिकी थी. मुझे लगता है कि हमारे पास ज्यादा ओवर नहीं थे.’

उन्होंने कहा, ‘यहां प्रतिभा से ज्यादा वातावरण मायने रखता है. हमने यह फैसला लिया था कि मुकाबला ड्रॉ कराने के लिए खेलेंगे. हमें बस यह सुनिश्चिचत करना था कि हम बल्ले से खराब प्रदर्शन नहीं करें. बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, विशेषकर रोरी बर्न्‍स ने बेहतरीन खेल खेला. जिस तरह से उन्होंने खेला वो अभूतपूर्व था.’

रूट ने कहा, ‘ऑली रॉबिंसन के लिए कठिन घड़ी है. उन्होंने बहुत कठिन सबक सीखा है. एक टीम के रूप में हमें इन सब चीजों से सीख लेनी है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं. हम यह नहीं कह रहे हैं कि हमारी टीम उत्तम है लेकिन हम चीजों से सीख लेते हैं.’

(इनपुट: आईएएनएस)