कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव की वजह से खेल जगत पर लगे हुए ब्रेक के बीच बीसीसीआई (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है। अब खबर आ रही है कि आयोजन को लेकर टीम मालिकों के बीच अगली बैठक 14 अप्रैल के बाद होगी।

आईएएनएस से बातचीत में टूर्नामेंट की एक फ्रेंचाइजी से जुड़े सूत्र ने कहा कि फिलहाल बैठक करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि हालात अनिश्चितिताओं से भरे हैं, लॉकडाउन खत्म होने के स्थिति साफ होगी। बता दें कि टूर्नामेंट स्थगित होने के बाद टीम मालिकों के बीच एक कॉन्फ्रेंस कॉल होनी थी जो कि बाद में रद्द होगी। अब इस मुद्दे पर अगली बैठक सीधा 14 अप्रैल के बाद ही होगी।

सूत्र ने कहा, “हम आखिरी बार बीसीबीआई के मुख्यालय में मिले थे और उसके बाद होने वाली बैठक (कॉन्फ्रेंस कॉल) रद्द कर दी गई क्योंकि ये साफ हो गया था कि पहले महामारी को लेकर सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अब जबकि 21 दिनों का लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म होगा, तो हमें पता चलेगा कि हालात कैसे हैं और हम किस दिशा में कदम उठाने हैं। एक बार हमें ये पता चल जाता है तो फिर हम बैठकर आगे की योजना बना सकते हैं। टीम मालिकों से उसके बाद ही मिला जाएगा।”

बीसीसीआई के आईपीएल रोडमैप में एक अड़चन है वीजा संबंधी नियम। मुमकिन है कि भारत में लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी सरकार विदेशी यात्रियों के यहां आने पर रोक लगाए रखे, मुमकिन ये भी है कि विदेशी सरकारें अपने खिलाड़ियों/नागरिकों को किसी और देश की यात्रा करने की इजाजत ना दें। ऐसे में एक विकल्प ये है कि आईपीएल विदेशी खिलाड़ियों के बिना खेला जाय।

लेकिन टीम अधिकारी ने इससे साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, “आपको क्या लगता है हम अक्टूबर-नवंबर के विंडो पर क्यों विचार कर रहे हैं? ऐसा इसलिए क्योंकि हमें विदेशी खिलाड़ियों के साथ पूरा टूर्नामेंट करना है। अगर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर अगले छह महीने के लिए भी बंद रहता है तो विदेशी खिलाड़ी तब तक यहां आने के लिए तैयार हो जाएंगे।”

उन्होंने कहा, “हां, हर फ्रेंचाइजी को अपने विचार रखने का मौका मिलेगा लेकिन आपको बता दूं कि वो आखिरी विकल्प होगा क्योंकि उससे (विदेशी खिलाड़ी ना होने या छोटा टूर्नामेंट होने से) आईपीएल अपनी भव्यता खो देगा।”