दक्षिण अफ्रीका में आयोजित अंडर-19 विश्व कप फाइनल मैच में बांग्लादेश की भारत पर ऐतिहासिक जीत के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर गलत व्यवहार दिखाया। मैच के बाद भारतीय टीम के- आकाश सिंह और रवि बिश्नोई और बांग्लादेश के – मोहम्मद तौहीद ह्रदोय, शमीम होसेन और रकीबुल हसन पर कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का आरोपी पाया गया। आईसीसी ने पांचों खिलाड़ियों को डीमेरिट प्वाइंट्स दिए।

अब बांग्लादेश अंडर-19 टीम के गेंदबाज शरीफुल इस्लाम ने फाइनल मैच के बाद किए बर्ताव का असली कारण बताया है। इस्लाम का कहना है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने भारत से मिली पुरानी हार का बदला लेने और टीम इंडिया को हार की तकलीफ का एहसास दिलाने के लिए ऐसा किया।

डेलीस्टार को दिए बयान में उन्होंने कहा, “दरअसल हम पहले उनके खिलाफ दो करीबी मैच हार चुके हैं। पहला 2018 का एशिया कप सेमीफाइल और दूसरा 2019 का एशिया कप फाइनल। मैं बता नहीं सकता कि वो हार कैसी थी।”

फाइनल मैच से पहले दिमाग में थी बदले की बात

इस्लाम ने आगे कहा, “फाइनल मैच के लिए मैदान पर जाने से पहले, मेरे दिमाग में केवल वही बात थी कि उन्होंने वो मैच जीतने के बाद क्या किया था और हारने के बाद हमें कैसा लगा था। इसलिए हम नहीं चाहते थे कि नतीजा पहले की तरह हो। हम अपना सर्वश्रेष्ठ करना चाहते थे और पूरी ताकत से आखिरी गेंद तक लड़ना चाहते थे।

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उन्होंने कहा, “पहले हमे बुरा लगा, हम उनके खिलाफ ढाका में, घर पर हारे, एक रन से हारे। तब उन्होंने हमारे सामने खूब जीत का जश्न मनाया और हम कुछ बोल नहीं पाए। हम इंतजार कर रहे थे कि कब हमारा सामना उनसे फाइनल में होगा।”

इस्लाम ने यहां तक कहा कि फाइनल मैच में उतरने से पहले उनके दिमाग में भारत से बदला लेने का विचार था। उन्होंने कहा, “हां, हमारे पास मौका था। हम अपना पूरा योगदान देना चाहते थे। तब उन्हें पता चलेगा कि कैसे लगता है जब आपके हारने के बाद कोई आपके सामने जश्न मनाता है।”