West Indies cricketers will not be “coerced” into touring England: CWI chief executive Johnny Grave
वेस्टइंडीज टेस्ट टीम © Getty Images (File Photo)

क्रिकेट वेस्टइंडीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉनी ग्रेव का कहना है कि अगर वेस्टइंडीज क्रिकेटर इंग्लैंड का दौरा नहीं करना चाहता तो उन्हें मजबूर नहीं किया जा सकता है। दरअसल पहले से तय शेड्यूल के मुताबिक विंडीज टीम को जुलाई में तीन टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड का दौरान करना था।

बीबीसी रेडियो से बातचीत में ग्रेव का कहना है कि बोर्ड ने सभी खिलाड़ियों से बातचीत की है और कोई भी इस दौरे के लिए राजी नहीं है।

उन्होंने कहा, “किसी भी खिलाड़ी को इस दौरे पर जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। अगर आप एक ऐसे देश में पले-बढ़े हैं जहां की आबादी केवल 60,000 या 70,000 हैं और ऐसे में ये देखना कि ब्रिटेन में 30,000 से ज्याजा लोगों की मौत हुई है, बहुत बड़ा आंकड़ा है।”

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इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड फिलहाल इंडोर पिच और खाली स्टेडियम में मैच कराने पर विचार कर रही है। ग्रेव भी इसे लेकर सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा, “ईसीबी (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) को ब्रिटेन की सरकार की मंजूरी पाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है ताकि क्रिकेट को सुरक्षित किया जाए।”

ग्रेव ने माना कि अलग अलग द्वीपों से आने वाले वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को वायरस की वजह से अलग अलग बैन का सामना करना पड़ा रहा है। उन्हें एक विमान पर बैठाना एक चुनौती होगी, लेकिन “असंभव” नहीं।”

उन्होंने कहा, “हमने ईसीबी से कहा कि हम पहले टेस्ट से पहले चार सप्ताह की तैयारी चाहते हैं। हम शायद तीन बैक-टू-बैक टेस्ट मैचों की तरफ देख रहे हैं। इस दौरान कम से कम सात हफ्तों की ट्रेनिंग, मैदान पर समय बिताना और होटल के अंदर सेल्फ आईसोलेशन करना होगा।”