west indies Leslie Hylton Only Test cricketer to be hanged all you need to know about him
leslie hilton (file photo)

क्रिकेट की दुनिया ने कई रहस्यमय मौत देखी हैं। बॉब वूल्मर और हेंसी क्रोन्ये इसमें शामिल हैं। इसके अलावा मैच फिक्सिंग ने भी खेल को शर्मसार किया और दर्शकों को सदमा दिया। लेकिन एक घटना ऐसी थी जो इन सबसे ऊपर रही। जिसके बारे में पढ़कर आज भी लोगों के रौंगटे खड़े हो जाते हैं। बात हो रही है वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर लेसली हिल्टन की। लेसली ने अपनी पत्नी लरलाइ हिल्टन की हत्या की थी। जमैका के इस क्रिकेटर ने वेस्टइंडीज के लिए छह टेस्ट मैच खेले और 16 विकेट लिए। 1935 से 1939 के बीच वह कैरेबियाई टीम का हिस्सा रहा। आज ही के दिन, 17 मई 1955 को उन्हें इस जघन्य अपराध के लिए फांसी पर लटका दिया गया। और आज तक वह इकलौते क्रिकेटर हैं जिन्हें यह सजा दी गई।

साल था 1905 और तारीख थी मार्च महीने की 29। हिल्टन की उम्र सिर्फ तीन साल थी जब उनकी मां का निधन हो गया। पिता को तो उन्होंने देखा ही नहीं था। उनकी बहन ने उन्हें पाला। लेकिन शायद किस्मत को यह भी मंजूर नहीं था। ऐसा लगता था कि जैसे वह मुसीबतें अपने भाग्य में लिखवाकर लाए हैं। वह 13 साल के थे तो वह बहन भी चल बसी। अब हिल्टन को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। दर्जी की एक दुकान में वह सहायक का काम करने लगे। यानी वही छोटा-मोटा काम। इस काम में उन्हें कुछ खास कायमाबी नहीं मिली। नतीजा 1933 में वह डॉक, यानी जहां पानी के जहाज से उतरने वाला सामान वगैरहा रखा जाता है, में मजदूरी करने लगे।

उनका जीवन बहुत मुश्किलों में बीत रहा था। मुश्किल से बीत रहे इस जीवन में कहीं राहत मिलती थी तो क्रिकेट में। वह धीरे-धीरे जमैका के लिए बैटिंग ऑलराउंडर के तौर पर पहचान बनाने लगे। उन्होंने यहां 40 फर्स्ट-क्लास मैच खेले। 1926 से 1939 के बीच यानी कुल 13 साल तक वह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलते रहे।

हिल्टन खेल में पहचान बना रहे थे और यह खबर वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड तक भी पहुंची। साल 1935 में उन्हें टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया। इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज आई थी और इसी के खिलाफ सीरीज में उन्हें डेब्यू करने का मौका मिला। इंग्लैंड की इस टीम मे वॉली हैमंड और R.E.S वॉट जैसे खिलाड़ी थे।

वेस्टइंडीज ने यह सीरीज 2-1 से जीती। इसमें जॉर्ज हेडली का बड़ा योगदान था। इस सीरीज में हिल्टन ने कुल 13 विकेट लिए। उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच में डेब्यू किया। कप्तान जैकी ग्रांट ने मैच की पहली पारी में बैटिंग ऑर्डर रिवर्स करने का फैसला किया। पिच के मिजाज को देखते हुए यह हैरान करने वाला फैसला किया गया। हिल्टन ने 19 रन बनाए।

हिल्टन को 1939 के इंग्लैंड दौरे पर भी शामिल किया गया। लेकिन तब तक उनमें वह बात नहीं रही थी। वहां उन्होंने तीन में से दो टेस्ट मैच खेले। लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध का असर उनके बाकी बचे क्रिकेट करियर पर भी पड़ा। इसी साल उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया।

हिल्टन के जीवन में लरलिन रोज (Lurline Rose), बहार की तरह आईं। वह जमैका के एक पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी थीं। 1942 में दोनों ने शादी कर दी। लरलिन के घरवाले इस रिश्ते के लिए राजी नहीं थे। हिल्टन की स्थिति और सामाजिक स्तर इसकी बड़ी वजह थी। 1947 में उनके घर एक बेटे का जन्म हुआ।

लरलिन एक बड़ी फैशन डिजाइनर बनना चाहती थीं। इसी वजह से कई बार उन्हें न्यूयॉर्क भी जाना पड़ता था। 1951 में लेसली हिल्टन अपने ससुराल में शिफ्ट हो गया क्योंकि लरलिन की मां ने बच्चे के देखभाल की जिम्मेदारी संभाल ली थी।

1954 में हिल्टन को एक टेलीग्राम मिलता है। यह टेलीग्राम न्यूयॉर्क से आया था। हिल्टन ने जैसे ही इसे पढ़ा उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। इसमें लिखा था कि उसकी पत्नी का रॉय फ्रांसिस नाम के इनसान के साथ अफेयर चल रहा है। हिल्टन ने अपनी पत्नी से पूछताछ की। उसने शुरुआत में मना किया लेकिन बाद में वह मान गई। हिल्टन ने उसे बताया कि उसने उसने फ्रांसिस को भेजे गए उसके पत्र पढ़ लिए हैं। इसके बाद गर्मागर्मी बढ़ने लगी। और इसी दौरान हिल्टन ने अपनी पत्नी को गोली मार दी। एक बार नहीं बल्कि सात बार। इसके बाद उसने खुद पुलिस को फोन किया।

अक्टूबर 1954 में मामले की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। हिल्टन ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि उसने खुद को गोली मारने की कोशिश की लेकिन गलती से पत्नी को लग गई। यह बात अदालत के गले नहीं उतरी। आखिर लरलिन के शरीर से सात गोलियां मिली थीं। अब निशाना एक बार चूक सकता है लेकिन सात बार चूकना समझ नहीं आता। अदालत को भी यह तर्क कुछ जमा नहीं। आखिर में ज्यूरी ने एकमत से हिल्टन को दोषी पाया और 20 अक्टूबर 1954 को अपना फैसला सुना दिया।