West Indies tour a litmus test for skipper Virat Kohli, coach Ravi Shastri
Virat Kohli and Ravi shastri

आईसीसी विश्व कप के सेमीफाइनल में बाहर होने के बाद वेस्टइंडीज दौरा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और रवि शास्त्री के लिए निर्णायक होगा। भले ही टूर्नामेंट के केवल एक मैच में टीम का प्रदर्शन खराब रहा हो, लेकिन शास्त्री का अनुबंध समाप्त होने वाला है और ऐसे में आगामी दौर पर टीम का प्रदर्शन बहुत महत्वपूर्ण होगा।

वेस्टइंडीज ने इसी साल जनवरी में दौरे पर पहुंची इंग्लैंड की टीम को टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दी थी। ऐसे में भारत के लिए लिए दौरा काफी मुश्किल माना जा रहा है। इस सीरीज में भारतीय टीम पर सबकी नजर रहेगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन टी20, तीन वनडे और दो टेस्ट मैच की सीरीज खेली जाएगी। 3 अगस्त को भारत पहला टी20 मुकाबले खेलेगी। वनडे सीरीज का पहला मैच 8 अगस्त को खेला जाएगा।

वेस्टइंडीज दौरा: टीम में मतभेद नहीं, पूरी सीरीज में खेलना चाहते हैं कोहली

टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम 17 अगस्त को एक प्रैक्टिस मैच खेलेगी। इसके बाद 22 से 26 अगस्त तक दोनों टीमो के बीच पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा।

शास्त्री के मार्गदर्शन में टीम ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन प्रशासकों की समिति (सीओए) द्वारा नियुक्त की गई क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) कोच के पद के लिए नए आवेदन स्वीकार कर रही है।

‘अब पंत और सैमसन जैसे युवा विकेटकीपर्स को मौका मिलना चाहिए’

आईएएनएस से बात करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक अधिकारी ने कहा कि मुख्य कोच और स्पोर्ट स्टाफ के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं जबकि टीम प्रबंधन को विश्व कप से भारत के बाहर होने के पर एक रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।

अधिकारी ने कहा, “न केवल प्रबंधक बल्कि प्रत्येक कोच से रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए। फिजियो और ट्रेनर को भी अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा जाना चाहिए। रिपोर्ट यह जानने के लिए आवश्यक होगी कि विजय शंकर के चोटिल होने का पूरा प्रकरण क्या था।”

उन्होंने कहा, “बल्लेबाजी कोच (संजय बांगर) को नंबर-4 के सवाल का जवाब देना चाहिए क्योंकि यह स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन ही था जो कुछ खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए कह रहा था। उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या उन्हें शंकर के चोटिल होने के बारे में जानकरी थी।”

पिछली बार शास्त्री के कोच बनाए जाने पर कोहली की राय ली गई थी, लेकिन इस बार ऐसा न होने की उम्मीद है।