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तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। हालांकि, बालाजी लीग और इसी साल शुरू की गई तमिलनाडु प्रीमियर लीग(टीएनपीएल) में खेलना जारी रखेंगे। बालाजी ने 106 प्रथम श्रेणी मैचों में कुल 330 विकेट लिए हैं। बालाजी ने भारतीय टीम की ओर से तीनों प्रारूपों में मैच खेले हैं। उन्होंने आठ टेस्ट मैचों में 27 और 20 वनडे मैचों में 34 विकेट लिए हैं। वहीं 5 टी20 मैचों में उन्होंने 10 विकेट लिए हैं। उन्होंने भारतीय टीम की ओर से अंतिम मैच साल 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। यह एक टी20 मैच था।

बालाजी ने अंतिम बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट तमिलनाडु के लिए साल 2014-15 मे रणजी ट्रॉफी के फाइनल में खेली थी। इस मैच में तमिलनाडु को कर्नाटक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके पहले के सीजन में बालाजी ने तमिलनाडु टीम का खिलाड़ी होते हुए गेंदबाजी कोच की भूमिका निभाई थी लेकिन वह अपनी टीम की ओर से एक भी मैच नहीं खेले थे। साल 2011- 12 में जब तमिलनाडु ने रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेला था तब बालाजी टीम के कप्तान थे। लेकिन फाइनल में उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था।

When we first met during India A tour Balaji tried 2 teach me English n I was trying to teach him Hindi,he was successful at it but not me;)

— Irfan Pathan (@IrfanPathan) September 15, 2016

 

बालाजी के संन्यास लेने के बाद क्रिकेट बरादिरी ने उनके बेहतरीन क्रिकेट करियर के लिए जमकर बधाईयां दी। बालाजी के अजीज मित्र इरफान ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “जब मैं इंडिया ए के दौरे के दौरान पहली बार बालाजी से मिला था तब बालाजी ने मुझे अंग्रेजी सिखाने की कोशिश की थी। वहीं मैंने उन्हें हिंदी सिखाने की कोशिश की थी। वह सफल हुए थे लेकिन मैं सफल नहीं हुआ।”

वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा, “हर बात मुस्कान हर कोई नहीं बिखेर पाता, लेकिन लक्ष्मी के पति बालाजी की मुस्कान का जवाब नहीं।”

Har baat par Smile har koi nahi kar paata,but Laxmi ke Pati Balaji @Lbalaji55 ki Smile ka Jawaab nahi.
Feel proud BB pic.twitter.com/imuubUnaMA

— Virender Sehwag (@virendersehwag) September 15, 2016

 

@Lbalaji55 came from the rich tennis ball cricket culture in Madras.His story is an inspiration to all the aspiring gully cricketers.

— Ashwin Ravichandran (@ashwinravi99) September 15, 2016
रविचंद्रन अश्विन लिखते हैं,”बालाजी मद्रास के टेनिस बॉल कल्चर में खेले हैं। भावी गली क्रिकेटरों के लिए उनकी स्टोरी प्रेरणादायी है।”