© Getty Images (File Photo)
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इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को लेकर एर भावुक बयान दिया है। जो रूट एक बार हैडिंग्ले में मैच देखने के लिए इसलिए आए थे ताकि वह सचिन तेंदुलकर को बैटिंग करते देख सकें लेकिन उस दिन सचिन तेंदुलकर ड्रेसिंग रूम में ही रहे और जो रूट उन्हें बैटिंग करते हुए नहीं देख पाए। इस बात से रूट खासे निराश हुए थे। अब जो रूट क्रिकेट जगत का बड़ा नाम हैं। अगर उनके फैंस वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उन्हें यॉर्कशायर मैदान पर खेलते हुए नहीं देखें तो उन्हें भी वैसी ही निराशा होगी। यॉर्कशायर रूट का घरेलू मैदान है। सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे है। अगर वे इस मैच को जीत लेते हैं तो 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त हासिल कर लेंगे। एजबेस्टन में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को एक पारी और 209 रनों से हरा दिया था।

रूट ने बताया, “मैं बचपन में यहां यॉर्कशायर के रोजेज गेम में मैच देखने को आया करता था। जाहिरतौर पर मैं भी यहां सीधे आकर क्रिकेट खेलना चाहता था। मैंने जो पहला टेस्ट देखा था वह भारत के खिलाफ हैडिंग्ले में खेला गया था। भारत ने पूरे दिन में एक ही विकेट गंवाया था। मैं सचिन की बैटिंग देखने को लेकर उतावला था।” साल 2002 में भारत ने हैडिंग्ले टेस्ट में पहली पारी में 628/8 का स्कोर बनाया था और पारी घोषित कर दी थी। सचिन तेंदुलकर ने इस मैच में 193 रन बनाए थे। वहीं राहुल द्रविड़ में 148 और सौरव गांगुली ने 128 रन बनाए थे। [ये भी पढ़ें: गेंद स्टंप पर लगने के बावजूद आउट नहीं हुए एमएस धोनी, फिर जितवाया मैच]

दुर्भाग्य से जो लोग सचिन तेंदुलकर की बैटिंग का पहले दिन इंतजार कर रहे थे उनके हाथ निराशा लगी क्योंकि ढाई सेशन तक इंडिया का एक ही विकेट गिरा था। सचिन पहले दिन स्टंप के समय 18 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे। इस तरह वह पहले दिन स्टंप्स के थोड़ी देर पहले ही बैटिंग करने को आए थे। भारत ने यह मैच एक पारी और 46 रनों से जीत लिया था। जो रूट ने कहा, “मैंने पिछले सालों में बहुत सारी क्रिकेट देखी है और अब इंग्लैंड की अगुआई का मौका मिलना बहुत स्पेशल है। घर पर होते हुए, एक ऐसी जगह जहां हमने बहुत सारी क्रिकेट खेली है, गेम को सीखते हुए बड़े हुए, यह बहुत मायने रखता है।” रूट इस समय एबी डीविलियर्स के लगातार 13 टेस्ट अर्धशतकों के रिकॉर्डस से एक अर्धशतक पीछे हैं।