Whenever I go out to play, things like pressure and expectations never come to my head; Says Shubman Gill
Shubman Gill @ians

भारत की सीनियर क्रिकेट टीम में डेब्यू की राह देख रहे युवा बल्लेबाज शुभमन गिल का कहना है कि जब वह बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरते हैं तो उनके दिमाग में दबाव या उम्मीदों का बोझ नहीं होता है।

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शुभमन हाल में वेस्टइंडीज के दौरे से लौटे हैं। वो इंडिया ए टीम के साथ कैरेबियाई दौरे पर गए थे। वर्तमान में शुभमन दलीप ट्रॉफी में इंडिया ब्लू टीम की कमान संभाल रहे हैं जिसकी शुरुआत शनिवार यानी आज से हो रही है।

गिल 8 सितंबर को 20 साल के हो जाएंगे। उन्हें वेस्टइंडीज के दौरे पर पहले और तीसरे अनधिकृत टेस्ट मैच में इंडिया ए की ओर से खेलते हुए वेस्टइंडीज ए के खिलाफ तीन बार बल्लेबाजी का मौका मिला जिसमें उनका स्कोर 40, 00 और नाबाद 204 रन रहा।

दोहरा शतक जड़ने कें बाद गिल के सीनियर टीम में एंट्री की दरवाजे खुल गए हैं। दिग्गज गिल के भविष्य को उज्जवल मान रहे हैं।

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टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गिल ने कहा, ‘ जब भी मैं बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरता हूं तो मेरे जेहन में दबाव या उम्मीदों का बोझ नहीं होता। मेरे दिमाग में केवल एक चीज रहता है कि मुझे किस तरह से इस विकेट पर स्कोर करना है और मैं किस तरह से गेंदबाजों से निपट सकूं।’

वेस्टइंडीज दौरे पर रिकॉर्ड तोड़ नाबाद 204 रन की पारी खेलने को लेकर गिल ने कहा मैं कई वर्षों से इस पारी का यहां इंतजार कर रहा था। ये पारी बकाया थी।

बकौल गिल, ‘ इस पारी से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। ये पारी बकाया थी क्योंकि वनडे में मैं 70 और 80 रन बनाकर आउट हो जाता था। मैंने चार मैच खेले और तीन अर्धशतक लगाए। दूसरे चार दिवसीय मैच में मैं पहली पारी में पहली ही गेंद पर आउट हो गया था। इसके बाद मैंने खुद से कहा कि यदि मुझे दोबारा बल्लेबाजी का मौका मिलेगा तो मैं बड़ी पारी खेलूंगा।’