Who is Harjas Singh: कांच की खिड़की ना टूटे, इसलिए बाएं हाथ से की बैटिंग, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का भारत से है कनेक्शन

Who is Harjas Singh: हरजस सिंह के पिता ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े हैं. हरजस सिंह ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत रेवेस्बी वर्कर्स क्रिकेट क्लब से की थी

Edited By : Akhilesh Tripathi |Feb 11, 2024, 04:25 PM IST

Published On Feb 11, 2024, 04:25 PM IST

Last UpdatedFeb 11, 2024, 04:25 PM IST

Harjas Singh

(Photo-Twitter)

आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया की आमने-सामने है. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज हरजस सिंह ने अपनी पारी से भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली. 19 साल के हरजस सिंह भारतीय मूल के हैं और उनका परिवार साल 2000 में चंडीगढ़ से सिडनी शिफ्ट हो गया था.

फाइनल में भारत के खिलाफ जड़ा अर्धशतक

हरजस सिंह ने भारत के खिलाफ फाइनल मुकाबले में अर्धशतक जड़ा और 55 रन की पारी खेली. 64 गेंद में इस पारी में उन्होंने तीन चौके और तीन छक्के लगाए. आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में हरजस सिंह का बल्ला खामोश रहा था, वह पूरे टूर्नामेंट में फ्लॉप रहे, मगर फाइनल मुकाबले में उन्होंने शानदार पारी खेली.

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साल 2000 में चंडीगढ़ से सिडनी शिफ्ट हुआ था परिवार

हरजस सिंह सिडनी से हैं और एक उनका जन्म और पालन-पोषण ऑस्ट्रेलिया में हुआ. साल 2000 में हरजस सिंह के पिता चंडीगढ़ से सिडनी शिफ्ट हो गए थे. हरजस सिंह के पिता ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े हैं. हरजस सिंह ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत रेवेस्बी वर्कर्स क्रिकेट क्लब से की थी और क्लब क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम में जगह मिली. उन्होंने नॉर्थम्प्टन में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतक बनाया, इसके बाद उन्होंने बेकेनहैम में इंग्लैंड के खिलाफ 90 रन भी बनाए थे. इस पारी के बाद उन्हें अंडर-19 विश्व कप के लिए टीम में चुना गया. हरजस सिंह आखिरी बार 2015 में भारत आए थे.

कांच की खिड़की ना टूटे, इसलिए बाएं हाथ से बल्लेबाजी

हरजस सिंह पहले दाहिने हाथ से बल्लेबाजी करते थे, मगर जहां वह प्रैक्टिस करते थे, उनके दाहिने तरफ कांच की खिड़की थी और हरजस को लेग साइड पर कांच की खिड़की के टूटने का खतरा था, इसलिए उन्होंने बाएं हाथ से बल्लेबाजी से शुरू की और उसके बाद से लगातार बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने लगे. हालांकि वह दाएं हाथ से मध्यम गति के गेंद फेंकते हैं.

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