who will reach in the playoffs of the ipl 2022 all you need to know

तो कौन होगा प्लेऑफ का हकदार। गुजरात तो पहुंच गई। लखनऊ भी मजबूत। राजस्थान का टिकट भी लगभग पक्का। तो, एक स्थान के लिए कितनी मारी-मारी। कितना गणित। कितना अगर-मगर। कितनी रणनीति। कितना अगर-मगर।

राजस्थान रॉयल्स मैच- 13, अंक-16, नेट रनरेट- 0.304

बाकी मैच- चेन्नई सुपर किंग्स

लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 24 रन से मिली जीत से प्लेऑफ में राजस्थान रॉयल्स का दावा काफी मजबूत हो गया है। कह सकते हैं कि उनका स्थान लगभग पक्का है। अब सिर्फ 5 टीमें ही 16 अंक तक पहुंच सकती हैं। दिल्ली कैपिटल्स का मुकाबला पंजाब किंग्स से होगा यानी इन दोनों में से सिर्फ एक टीम ही उतने अंक हासिल कर पाएगी। राजस्थान रॉयल की रनरेट 0.304 है, जो काफी अच्छी है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर इस मामले में काफी फिसड्डी है। उसकी नेट रनरेट -0.323 है। यानी संजू सैमसन की टीम अच्छी स्थिति में है। अगर फाफ डु प्लेसिस की टीम को आगे निकलना है दोनों परिस्थितियों का साथ होना लाजमी है। पहला, राजस्थान को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बड़े अंतर से हार मिले। और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम बड़े अंतर से गुजरात टाइटंस को हराए। दोनों मैचों का कुल अंतर 160 रन का होना चाहिए।

राजस्थान का मैच बैंगलोर के मुकाबले के बाद होगा। इससे उन्हें यह फायदा होगा कि उन्हें मालूम होगा कि प्लेऑफ में पहुंचने के लिए उन्हें क्या करने की जरूरत है। टीम यह भी चाहेगी कि वह किसी तरह से टॉप 2 में फिनिश करे।

लखनऊ सुपर जायंट्स -मैच- 13, अंक-16, नेट रनरेट- 0.262

बचा हुआ मैच- कोलकाता नाइट राइडर्स

लखनऊ की टीम एक वक्त पर प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन सकती थी। लेकिन जैसाकि केएल राहुल की टीम (कई बार पंजाब किंग्स) के साथ अकसर होता है, वह टूर्नमेंट के आखिरी चरण पर आकर अटक-अटक कर चलने लगते हैं। बीते दो मैचों में लखनऊ को हार मिली है। और भी अच्छे-खासे अंतर से। टीम को कुल 86 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। इससे उसकी रनरेट को काफी नुकसान हुआ है। यह 0.703 से गिरकर 0.262 हो गई है। हालांकि लखनऊ की टीम के लिए प्लेऑफ की जगह पक्की दिख रही है। और इसकी वजह भी बैंगलोर की टीम की खराब रनरेट है। तो, अगर कुछ अनहोनी नहीं होती है तो लखनऊ भी प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। उसकी कोशिश भी टॉप 2 में पहुंचने की होगी।

दिल्ली कैपिटल्स- मैच-12, अंक-12, नेट रनरेट- 0.210

बचे हुए मैच- पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस

राजस्थान रॉयल्स के 16 अंक पर पहुंचने के बाद अब टॉप 4 में टीमों के लिए बहुत ज्यादा जगह बची नहीं है। और ऐसे में दिल्ली की स्थिति बाकियों से बेहतर कही जा सकती है। इसकी वजह है उनका कमाल का रनरेट। दिल्ली अगर अपने आखिरी दोनों मैच जीत जाती है तो वह प्लेऑफ में जगह बना लेगी। और तो और अगर वह एक मैच जीतकर 14 अंक पर भी पहुंच जाती है तो भी वह अंतिम चार में जगह बना लेगी बशर्ते किंग्स और बैंगलोर 16 पर न पहुंचे। इसके साथ ही दिल्ली को केकेआर और सनराइजर्स के मैचों पर भी निर्भर करना होगा। कुल मिलाकर पांच टीमों के 14 अंक हो सकते हैं और वे एक आखिरी जगह के लिए संघर्ष करती नजर आ सकती हैं।

 

पंजाब किंग्स -मैच-12, अंक-12, नेटरनरेट 0.023

बचे हुए मैच- दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद

किंग्स का रनरेट 0.023 का है। यह दिल्ली (0.210) से कम है। दिल्ली और पंजाब के बीच सोमवार को मुकाबला है। पंजाब अगर वह मैच जीत जाती है और फिर हैदराबाद को भी हरा देती है तो वह क्वॉलिफाइ कर जाएगी। अगर वह दिल्ली से हार जाते हैं और उन्हें हर हार में सनराइजर्स से जीतना होगा। और उसके बाद उम्मीद करनी होगी कि दिल्ली और बैंगलोर अपने मैच हार जाएं। इसके बाद उसके 14 अंक होंगे और मुकाबला रनरेट पर जाकर फंसेगा।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर- मैच-13, अंक-14, नेट रनरेट- -0323

बचा हुआ मैच- गुजरात टाइटंस

बैंगलोर की रनरेट काफी खराब है। और 14 अंक के साथ उसके लिए क्वॉलिफाइ करना बहुत ही मुश्किल है। उन्हें अपना आखिरी मुकाबला जीतना ही होगा। अगर वह एक रन से भी हार जाती है तो पंजाब को सनराइजर्स के खिलाफ बहुत बड़े अंतर से हारना होगा। तभी उसकी रनरेट बैंगलोर से नीचे आएगी। यानी गुजरात से हारते ही बैंगलोर की रही-सही उम्मीदें खत्म हो जाएंगी। और सिर्फ जीतकर भी काम नहीं चलेगा। अगर पंजाब और दिल्ली के 16 अंक हो गए तो बैंगलोर के लिए रास्ता बंद हो जाएगा।

 

कोलकाता नाइट राइडर्स – मैच-13, अंक-12, नेट रनरेट 0.160

बचा हुआ मैच- गुजरात टाइटंस

नाइट राइडर्स अधिकतम 12 अंक तक पहुंच सकता है। उसके लिए प्लेऑफ में पहुंचने का सिर्फ एक ही रास्ता है। और वह है कि कोई दूसरी टीम 16 अंक पर नहीं पहुंचे। अगर ऐसा होता है तो कोलकाता अपने अच्छे रनरेट की मदद से अंतिम चार में जगह बना सकती है।

सनराइजर्स हैदराबाद- मैच-12, अंक-10, नेट रनरेट-0.270

बचे हुए मैच- मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स

सनराइजर्स हैदराबाद को अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे और उम्मीद करनी होगी कि कोई अन्य टीम 16 अंक तक न पहुंचे। अगर दिल्ली अपने दोनों मैच हार जाती है, और कोलकाता भी अपना आखिरी मैच हार जाती है तो हैदराबाद की उम्मीदें बढ़ जाएंगी।