why Bhuvi did not get a place; Questions raised about Indian Test Squad selected for WTC Final and England series
भुवनेश्वर कुमार (AFP)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबले के साथ इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैंचों की सीरीज के लिए स्क्वाड का ऐलान किया।

टीम इंडिया के 20 सदस्यीय स्क्वाड में ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है। वहीं तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को आगामी सीरीज से बाहर रखा गया है। बोर्ड के इस फैसले से कई क्रिकेट समीक्षक और फैंस नाराज हैं, जिन्होंने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया के जरिए जाहिर की।

मशहूर खेल पत्रकार और कमेंटेटर हर्षा भोगले ने ट्वीट किया, “भारतीय टीम ढेर सारे स्पिन ऑलराउंडर्स के साथ इंग्लैंड जा रही है लेकिन सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर एक भी नहीं है। एक बार ये साफ हो गया कि हार्दिक पांड्या गेंदबाजी नहीं कर रहे है तो ये भी स्पष्ट था कि वो टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। दुखद है कि कुलदीप का खराब समय जारी है।”

इसके अलावा भोगले ने युवा खिलाड़ियों वाशिंगटन सुंदर और पृथ्वी शॉ को टेस्ट टीम में ना लिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया, “ध्यान में रखें कि इस साल रणजी ट्रॉफी नहीं हुई तो चयनकर्ताओं के पास ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ किया प्रदर्शन ही आधार के तौर पर था। वाशिंगटन सुंदर और ठाकुर ने वो सब किया जो उनके कहा गया। और शॉ को लाल गेंद से अपनी फॉर्म दिखाने का मौका ही नहीं किया क्योंकि मार्च 2020 के बाद से कोई खेल नहीं हुआ है।”

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब प्रदर्शन के बाद टेस्ट टीम से बाहर हुए शॉ ने विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था और अपनी कप्तानी में मुंबई को खिताब जिताया था। आईपीएवल के 14वें सीजन में भी उन्होंने अपना ये फॉर्म जारी रखा। हालांकि लंबे फॉर्मेट के मैच ना होने की वजह से उन्हें टेस्ट टीम में वापसी के लिए दावेदारी पेश करने का मौका नहीं मिला।

शॉ और सिराज के अलावा सोशल मीडिया पर जिस खिलाड़ी को लेकर सबसे ज्यादा बहस हो रही है, वो हैं तेज गेंदबाज भुवनेश्वर। चूंकि बीसीसीआई ने भुवी को टेस्ट स्क्वाड से बाहर रखने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है, ऐसे में फैंस ट्विटर पर बोर्ड और चयनसमिति की जमकर आलोचना कर रहे हैं।