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IND vs NZ: 'दोहरे मापदंड' का आरोप, वॉशिंगटन सुंदर मामले में कैफ ने टीम मैनेजमेंट को सुनाई खरी-खरी

भारत के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कहा है कि वह पहले वनडे में चोटिल वॉशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने के टीम प्रबंधन के फैसले से खुश नहीं हैं. कैफ ने इस पर अपनी नाराजगी वयक्त की है.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - January 13, 2026 1:05 PM IST

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार,11 जनवरी को खेले गए वनडे सीरीज के पहले मैच में वॉशिंगटन सुंदर ने चोटिल होकर भी बल्लेबाजी की. वह बैटिंग करने उतरे और सात गेंदों पर सात ही रन बनाए. हालांकि चोट के बावजूद उन्हें क्रीज पर भेजने के टीम प्रबंधन के फैसले से मोहम्मद कैफ नाराज हैं. उन्होंने इसके लिए उन्हें टीम मैनेजमेंट की आलोचना की है.

सुंदर ने वडोदरा में खेले गए इस मैच में पांच ओवर गेंदबाजी थी. इस दौरान उन्होंने 27 रन दिए थे. हालांकि वह बीच में ही मैदान से बाहर चले गए थे और फिर गेंदबाजी के लिए नहीं लौटे थे. चोट और दर्द के बाद भी वह मैच में 8वें नंबर पर खेलने उतरे. उस वक्त भारत को जीत के लिए 22 रन की जरूरत थी. वह सात गेंद पर सात रन बनाकर नाबाद रहे.

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‘शुभमन गिल नहीं आए थे बल्लेबाजी करने’

सोमवार को अपने यूट्यूब चैनल पर कैफ ने टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाए. कैफ ने कहा कि इससे सुंदर की चोट और बिगड़ सकती थी. उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच की तुलना इस मुकाबले से की. उस मैच में शुभमन गिल कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए थे और फिर बल्लेबाजी करने नहीं आए थे. भारत को उस मैच में 30 रन से हार का सामना करना पड़ा था. भारत के सामने सिर्फ 124 रन का टारगेट था लेकिन टीम उसे हासिल नहीं कर पाई थी.

कैफ ने सवाल उठाया कि इसी तरह का रुख वॉशिंगटन सुंदर के मामले में क्यों नहीं अपनाया गया. उन्होंने कहा कि टीम किसी अन्य बल्लेबाज को भेज सकती थी.

कैफ ने कहा, ‘आपको याद होगा जब शुभमन गिल चोटिल हुए थे तब वह उस टेस्ट में बल्लेबाजी करने नहीं आए थे. कोलकाता टेस्ट में. यह एक हाई-स्कोरिंग टेस्ट मैच था और लोगों को लगता था कि यहां तक कि गिल के बल्ले से निकले 20-30 रन भी भारत को जीत दिलाने में मदद कर सकते हैं. लेकिन वह फिर भी बैटिंग करने नहीं आए. ऐसा उस खिलाड़ी, जिसे चोट लगी है, को पूरी सुरक्षा देने के मकसद से किया गया ताकि वह चोट और न बढ़ जाए. लेकिन यही रवैया सुंदर के लिए नहीं अपनाया गया. इसी वजह से मुझे लगता है कि यह गलत फैसला था. केएल राहुल की विकेटों के बीच दौड़ इससे प्रभावित हुई. हालांकि भारत यह मैच जीत गया लेकिन मुझे लगता है कि कल के मैच में इस बात की बहुत संभावना थी कि उनकी (सुंदर) चोट बढ़ सकती थी.’

किसी दूसरे खिलाड़ी को सुंदर की जगह भेजा जा सकता था

उन्होंने आगे कहा, ‘अगर वह चोटिल है और आपको हर गेंद पर एक ही रन चाहिए तो आपको पहले किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका देना चाहिए था. अगर एक खिलाड़ी चोटिल है और आप दबाव वाली परिस्थिति में उसे भेज देते हैं तो उसकी चोट बिगड़ सकती है. वह दो रन नहीं दौड़ सकता था जबकि गेंद डीप पॉइंट या डीप स्क्वेअर लेग की दिशा में जा रही थी और वह सिर्फ सिंगल ही ले पा रहा था. हालांकि भारत को ज्यादा रन नहीं चाहिए थे और मैच नियंत्रण में था. लेकिन मुझे लगता है कि चोटिल खिलाड़ी को भेजना जोखिम था. जो चोट एक सप्ताह या दस दिन में ठीक होनी चाहिए थी वह 20-25 या 30 दिन खिंच सकती है.’

‘बढ़ सकती थी वॉशिंगटन सुंदर की चोट’

कैफ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह एक गलत फैसला था. आप कुलदीप को भेज सकते थे या किसी और को, यहां तक कि सिराज या प्रसिद्ध कृष्णा को, अगर आपको सिर्फ रन-अ-बॉ़ल की स्थिति में खेलना है. अगर परिस्थिति ऐसी बन जाती कि उसे टाला ही नहीं जा सकता, बिलकुल आखिर में, तब आप सुंदर को भेज सकते थे.’

वॉशिंगटन सुंदर अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनके स्थान पर आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया गया है.