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कहां और क्यों गायब हो गए उमरान मलिक, जाते-जाते राज़ खोल गए म्हाम्ब्रे
नई दिल्ली: उमरान मलिक (Umrah Malik) ने आईपीएल में अपने पहले सीजन में ही रफ्तार से लोगों को हैरान किया. भारत में आम तौर पर इतनी तेज गति के गेंदबाज देखने को नहीं मिलते हैं लेकिन मलिक दुर्लभ थे. लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंद फेंककर वह सनसनी बन गए...
Published On Jul 17, 2024, 10:56 AM IST
Last UpdatedJul 17, 2024, 10:56 AM IST
नई दिल्ली: उमरान मलिक (Umrah Malik) ने आईपीएल में अपने पहले सीजन में ही रफ्तार से लोगों को हैरान किया. भारत में आम तौर पर इतनी तेज गति के गेंदबाज देखने को नहीं मिलते हैं लेकिन मलिक दुर्लभ थे. लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंद फेंककर वह सनसनी बन गए थे.
2021 में आईपीएल में धमाल मचाने के बाद 2022 में उन्हें भारत के लिए टी20 इंटरनैशनल डेब्यू करने का मौका मिला. लेकिन वह भारत की जर्सी में ज्यादा समय तक नजर नहीं आए. जल्द ही वह रेडार से गायब हो गए. 2024 के आईपीएल में वह सनराइजर्स की प्लेइंग इलेवन में भी नियमित नहीं थे. भारत के निवर्तमान गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने इस पर अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि आखिर क्यों वह अब टीम में नहीं हैं. म्हाम्ब्रे ने माना कि इतनी रफ्तार वाकई दुर्लभ है लेकिन नियंत्रण की कमी की वजह से मलिक भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने बताया, ‘मुझे लगता है कि प्रतिभा को तैयार करना पड़ता है. किसी के पास अगर इतनी गति है तो वह दुर्लभ है. जब वह पहली बार आए तो 145-148 की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे. मैं इसमें नहीं बहता कि स्पीड गन पर रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा दिखाई जा रही है. क्योंकि मुझे नहीं लगता कि यह सही है. आपको अहसास है कि रफ्तार उनकी ताकत है. वह बेशक बहुत तेज थे. लगातार 140 से ऊपर गेंद फेंकते थे. लगातार इस स्पीड पर गेंद फेंकना अच्छी बात है. और उन्होंने ऐसा किया है. लेकिन वह ऐसा कैसा करते हैं? टी20 में अगर आपके पास कंट्रोल नहीं है, तो आप संघर्ष करेंगे. अगर एक बार आपके साथ ऐसा होता है, तो आप कप्तान का भरोसा खो देते हैं.’
उमरान के लिए रणजी ट्रॉफी है अहम
म्हाम्ब्रे ने बताया कि क्यों मलिक के लिए जरूरी है कि वह रणजी ट्रॉफी खेलें. उनका मानना है कि इस युवा पेसर को दबाव संभालना और नियंत्रण हासिल करना सीखना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, ‘तो उन्हें नियंत्रण हासिल करना सीखना चाहिए जो सिर्फ रणजी ट्रॉफी खेलकर ही हासिल किया जा सकता है. इसी वजह से हम उन्हें रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए कह रहे हैं. जब वह एक सीजन वहां खेलकर आएंगे, वह भी दबाव में, तो वह अपने हुनर का इस्तेमाल करना सीखेंगे.’
उमरान की तुलना एक समय पर पाकिस्तान के शोएब अख्तर से की जा रही थी. अख्तर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है. 2003 वर्ल्ड कप में अख्तर ने इंग्लैंड के खिलाफ निक नाइट को 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी. हालांकि जल्द ही उमरान मलिक सीन से गायब हो गए. भारत के लिए 10 वनडे और 8 टी20 मुकाबले खेलने वाले मलिक ने इन दोनों फॉर्मेट में क्रमश: 13 और 11 विकेट लिए हैं. 50 ओवर के फॉर्मेट में उनका इकॉनमी रेट 6.54 और टी20 में 10.48 का रहा है.