Will quit the game when I feel satisfied and don’t have the urge to learn new things: Ashwin
रविचंद्रन अश्विन (Twitter)

भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा से उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है लेकिन जिस दिन उन्हें लगा कि खुद में सुधार करने की उनकी ललक कम हो रही है तो वो खेल छोड़ देंगे।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच साउथम्पटन में खेले जा रहे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का हिस्सा बने अश्विन ने कहा, ‘‘टेस्ट क्रिकेट की खूबी ये है कि आप हमेशा ‘परफेक्ट’ बनने की ख्वाहिश रखते हैं लेकिन आप उत्कृष्टता से भी खुशी हासिल कर सकते हैं। इसलिए मैं ऐसा करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने अपने करियर में अब तक जो कुछ भी हासिल किया है, वो इसी नजरिए के कारण है, मैंने किसी भी चीज के लिए समझौता नहीं किया, लगातार सुधार की तलाश में रहता हूं। मैं फिर से ये कहना चाहूंगा कि अगर मुझे अलग-अलग चीजें करना पसंद नहीं होगा और मैं कुछ नया करने के लिए धैर्य नहीं रख पाउंगा या संतुष्ट हो जाउंगा तो मैं खेल जारी नहीं रख सकता हूं।’’

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चेन्नई के इस 34 साल के गेंदबाज ने कहा कि उन्हें विवादों से जुड़ना पसंद नहीं है लेकिन अगर छेड़ा गया तो वो अपने प्रदर्शन से जवाब देने में पीछे नहीं हटते है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मैं विवादों का लुत्फ उठाता हूं लेकिन मुझे संघर्ष करने में अच्छा लगता है और यही कारण है कि मैं यहां तक पहुंचा हूं।’’

अश्विन ने कहा, ‘‘मैं जीत का उतना जश्न नहीं मनाता जितना मुझे आदर्श रूप से मनाना चाहिए क्योंकि मेरे लिए जीत एक घटना भर है। मैं मानता हूं कि ये योजना और अभ्यास के समावेश से मिलता है। मैं जीतने के बाद भी बैठकर सोचता हूं कि इससे बेहतर क्या हो सकता है।’’