इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार को होने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच में अपने टेस्ट करियर का 100वां मैच खेलने को तैयार भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा (Ishant Sharma) का कहना है कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतना चैंपियंस ट्रॉफी या विश्व कप जीतने जैसा होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को तीसरा टेस्ट मैच हर हाल में जीतना होगा।

अहमदाबाद में होने वाले मैच से पहले इशांत ने कहा, “मेरा सारा ध्यान इस सीरीज को जीतकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने पर है। चूंकि मैं केवल एक ही फॉर्मेट खेलता हूं तो टेस्ट चैंपियनशिप मेरे लिए विश्व कप के समान है। अगर हम फाइनल खेलते हैं और फिर जीत हासिल करते हैं तो वो एहसास वैसा ही होगा जैसा विश्व कप या चैंपियंस ट्रॉफी जीतने पर आता है।”

32 साल के इशांत अपने करियर का 100वां टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर खेलना चाहते थे लेकिन चोट की वजह से ऐसा हो नहीं पाया। इस बारे में उन्होंने कहा, “मैं ऑस्ट्रेलिया जाकर अपना 100वां टेस्ट मैच खेलना पसंद करता। लेकिन कुछ चीजें आपकी योजना के हिसाब से नहीं होती। मैं ऑस्ट्रेलिया नहीं जा सका, लेकिन जैसे जैसे आप कुछ चीजों से आगे निकल जाते हैं तो जिंदगी आसान हो जाती है।”

इंग्लैंड के खिलाफ मोटेरा स्टेडियम में उतरते ही इशांत भारत के लिए 100 टेस्ट मैच खेलने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज बन जाएंगे। उनसे पहले ये कीर्तिमान दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव ने हासिल किया था। जो आज भी भारत के लिए सबसे ज्यादा 131 टेस्ट मैच खेलने वाले तेज गेंदबाज हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने सीखा है कि आप अपने करियर में किसी एक चीज पर नहीं अटक सकते हैं। आगे बढ़ना बेहद अहम है। कपिल देव का 131 मैचों की कीर्तिमान बहुत आगे है, फिलहाल मेरा ध्यान आगामी टेस्ट पर है।”