Wriddhiman Saha: Sledging doesn’t work on everyone
ऋद्धिमान साहा © Getty Images

भारतीय टेस्ट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को उनकी खूबसूरत बल्लेबाजी के साथ साथ शांत स्वभाव के लिए भी जाना जाता है। कोलकाता के ही सौरव गांगुली भी कई बार कह चुके हैं कि साहा काफी चुप रहते हैं। जहां दूसरी टीमों के विकेटकीपर स्लेजिंग को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं, वहीं साहा इसे जरूरी नहीं मानते हैं। साहा का मानना है कि भले ही कई बार इससे अच्छे नतीजे मिलें लेकिन स्लेजिंग हर किसी के खिलाफ काम नहीं आती है। द क्विंट को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में साहा ने कहा, “मुझे निजी तौर पर नहीं लगता कि स्लेजिंग जरूरी है। मुझे नहीं याद कि मैने कभी किसी को स्लेज किया हो। आपने देखा होगा कि धोनी भी कभी स्लेजिंग नहीं करते हैं।”

साहा ने आगे कहा, “अगर सही तरीके से किया जाए तो इससे प्रभावी नतीजे मिल सकते हैं। कुछ बल्लेबाज इससे डर हो जाते हैं, कुछ निखर जाते हैं और ज्यादा बेहतर खेलते हैं। स्लेजिंग हर किसी के खिलाफ काम नहीं आती है।” बंगाल के इस बल्लेबाज ने हाल ही में दिल्ली टेस्ट के दौरान हुए स्मॉग विवाद पर भी अपनी राय रखी। साहा ने कहा, “दिल्ली का खतरनाक प्रदूषण स्तर देखते हुए खिलाड़ियों का परेशान होना स्वाभाविक था। वैसे मुझे नहीं लगता कि इस वजह से खेल रोकने या मैच रद्द करने की कोई जरूरत थी। हमारा लक्ष्य मैच जीतना था लेकिन शायद इस मुद्दे को अचानक ही बीच में लाया गया। लेकिन अगर दूसरे पक्ष से देखें तो श्रीलंकाई खिलाड़ी ऐसे देश से आते है जहां हवा कहीं ज्यादा साफ है इसलिए ये उनके लिए ज्यादा कठिन होगा।”

धर्मशाला वनडे से पहले तेज गेंदबाज बने महेंद्र सिंह धोनी, देखें वीडियो
धर्मशाला वनडे से पहले तेज गेंदबाज बने महेंद्र सिंह धोनी, देखें वीडियो

सभी ने देखा है कि किस तरह महेंद्र सिंह धोनी वनडे और टी20 में विकेट के पीछे से ही विराट कोहली को सुझाव देते रहते हैं और फील्ड सेट करने में भी मदद करते हैं। टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के फैसले में बाकी खिलाड़ियों की भूमिका के बारे में बात करते हुए साहा ने कहा, “अक्सर ऐसा समझ लिया जाता है कि मैच में सारे बड़े फैसले कप्तान ही लेता है। केवल मैं ही नहीं विराट हर किसी से उनकी राय पूछता है। हम सभी सलाह देते हैं और जो नतीजा निकलता है और टीम के लिए जो सबसे सही होता है वो किया जाता है। ये विराट की कप्तानी की सबसे खास बात है। उसकी आक्रामकता और रनों की भूख कमाल है। साथ ही जिस तरह वह खराब प्रदर्शन करने के बाद भी मीडिया के सामने हमारा समर्थन करता है वह खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।”